PATNA: राजधानी पटना के मंदिरी स्थिति आवास से पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार की देर रात पुलिस ने 35 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का आरोप है कि नीतीश कुमार की सरकार का आलोचना करने के चलते इस तरह से परेशान किया जा रहा है। बिहार की पुलिस द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी और उनके बयान पर बेतिया के बीजेपी सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने तीखा हमला बोला। कहा कि पप्पू यादव द्वारा अपराध के खिलाफ बयान देना पूरी तरह हास्यास्पद है। डॉ. जायसवाल ने कहा, “90 के दशक में हम भी पटना मेडिकल कॉलेज के छात्र थे। पप्पू यादव किस तरह के व्यक्ति रहे हैं, यह पूरा बिहार जानता है। जब वह अपराध के खिलाफ बोलते हैं तो हमें उन पर भी हंसी आती है और खुद पर भी।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अजीत सरकार हत्याकांड से लेकर बृज बिहारी हत्याकांड तक, पप्पू यादव का नाम लगातार जुड़ता रहा है। डॉ. जायसवाल ने यह भी दावा किया कि हेडली ने अपने नोट में खुद लिखा था कि पप्पू यादव ने उसे ट्रेन के फर्स्ट क्लास सीट के नीचे छिपाकर नेपाल भेजने में मदद की थी। यह वही हेडली था, जिसे एके-47 के साथ पकड़ा गया था।
डॉ. जायसवाल ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने कई गंभीर अपराधियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “पप्पू यादव जैसे अपराधियों से अगर कोई पूछता है कि इन्हें गिरफ्तार कैसे किया गया, तो इससे ज़्यादा आश्चर्य इस बात का है कि ये अब तक खुले कैसे घूमते रहे। उन्होंने 90 के दशक को याद करते हुए कहा कि वह दौर पूरी तरह रक्तरंजित था और उस समय पूर्णिया चीन से आने वाले टेक्सटाइल्स की स्मगलिंग का एक बड़ा केंद्र हुआ करता था।
वही भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों और हालिया बजट की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में टैक्स स्लैब के जरिए आम जनता को बड़ी राहत दी गई है। डॉ. जायसवाल ने बताया कि बजट में करदाताओं को लगभग 35 प्रतिशत तक की टैक्स छूट दी गई है, जिससे मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस राहत से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और देश की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने आगे कहा कि आज भारत आर्थिक रूप से इतना सक्षम हो चुका है कि कोई भी देश उसे आयात–निर्यात के लिए मजबूर नहीं कर सकता। भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो केंद्र सरकार की नीतियों का सकारात्मक परिणाम है। वहीं संसद में सांसदों पर हुई कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि उस समय संसद का माहौल बेहद तनावपूर्ण था। उन्होंने कहा कि यदि एनडीए के सांसद संयम और धैर्य नहीं रखते, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
बेतिया से संतोष की रिपोर्ट





