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ओवरलोड ट्रक गुजरते ही धंस गई पुलिया, दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय से टूटा संपर्क; लोगों की बढ़ीं मुश्किलें

Bihar Bridge Collapse: नवादा जिले में ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही के बीच एक पुलिया अचानक ध्वस्त हो गई, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 11, 2026, 11:28:08 AM

ओवरलोड ट्रक गुजरते ही धंस गई पुलिया, दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय से टूटा संपर्क; लोगों की बढ़ीं मुश्किलें

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Bihar Bridge Collapse: बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है. हरदिया पंचायत के सिंगर गांव के पास स्थित एक पुलिया ओवरलोडेड वाहनों के दबाव से ध्वस्त हो गई. पुलिया टूटने के बाद दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिया पर आवागमन तत्काल बंद करा दिया है और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.


जानकारी के अनुसार, यह पुलिया फुलवरिया डैम और जंगली क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले काफी समय से रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य में लगी एजेंसी इसी सड़क से क्षमता से अधिक वजन वाले सीमेंट और निर्माण सामग्री से लदे ट्रकों का परिचालन करा रही थी. लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पुलिया कमजोर हो गई थी और शनिवार को एक ओवरलोड ट्रक के गुजरते ही वह पूरी तरह ध्वस्त हो गई.


घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि स्थानीय ग्रामीणों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की सतर्कता के कारण समय रहते पुलिया पर आवाजाही रोक दी गई, जिससे कोई बड़ा हादसा होने से बच गया. सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पुलिया का निरीक्षण किया.


पुलिया टूटने से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है. अब ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय, बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ सकता है. इसका सबसे ज्यादा असर छात्रों, मरीजों, किसानों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ने की आशंका है.


ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत कराई जाती और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाती, तो यह स्थिति नहीं बनती. लोगों ने रेलवे निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच कराने, दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पुलिया का जल्द पुनर्निर्माण कराने की मांग की है.