Gaya Ayodhya Rapid Train: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लगातार राज्य और केंद्र से सौगातों की वर्षा हो रही है। अब भारतीय रेलवे ने गया (गयाजी) और अयोध्या के बीच नमो भारत रैपिड ट्रेन सेवा शुरू करने की घोषणा की है, जो देश के दो पौराणिक धार्मिक नगरों को तेज़ और आधुनिक रेल संपर्क से जोड़ेगी। इस ट्रेन का शुभारंभ केंद्र सरकार के ‘स्मार्ट और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह सेवा लगभग 408 किलोमीटर की दूरी को तय करेगी और यात्रा के समय को 6 घंटे तक सीमित कर देगी।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन (रविवार को छोड़कर) संचालित होगी। यह गया जंक्शन से सुबह 5:00 बजे प्रस्थान करेगी और 11:00 बजे अयोध्या धाम पहुंचेगी। वापसी की यात्रा शाम 5:00 बजे अयोध्या से शुरू होकर रात 11:00 बजे गया जी पहुँचेगी। इस ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित कोच होंगे और सभी कोच अनारक्षित होंगे, जिससे यात्रा सुलभ तो होगी ही, साथ ही गर्मी के मौसम में यात्रियों को ठंडक और आरामदायक सफर का अनुभव भी मिलेगा। इसका प्रस्तावित किराया मात्र ₹500 (अनारक्षित एसी) रखा गया है, जो कि सुविधाओं की तुलना में काफी किफायती है।
इस सेवा का उद्देश्य न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि दैनिक यात्रियों, छोटे व्यापारियों और छात्रों को भी राहत देना है। ग्रैंड कार्ड पैसेंजर एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. जैन ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह वर्षों पुरानी मांग थी। गयाजी, काशी और अयोध्या जैसे पवित्र शहरों को जोड़ना आस्था से जुड़ा मामला है और अब यह संभव हो रहा है। गया से अयोध्या की यात्रा के दौरान ट्रेन कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें रफीगंज, सासाराम, डीडी उपाध्याय जंक्शन, काशी, वाराणसी जंक्शन, जौनपुर, शाहगंज, अकबरपुर और गोशाईगंज शामिल हैं। यह रेलवे नेटवर्क को और अधिक प्रभावशाली और कनेक्टेड बनाएगा।
गौरतलब है कि यह बिहार को मिलने वाली दूसरी नमो भारत रैपिड रेल सेवा होगी। इससे पहले जयनगर से पटना के बीच नमो मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है, जो मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी और मोकामा जैसे शहरों को जोड़ती है। नमो भारत रैपिड ट्रेन सेवा सरकार के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के तहत तीर्थ स्थलों को तेज़, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। इस कदम से पर्यटन, रोजगार, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।


