Bihar News: बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में भगदड़ हादसे के बाद प्रशासन एक्शन में आ गया है। 31 मार्च को हुई भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत के बाद अब मंदिर परिसर का नक्शा बदलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शनिवार को बिहारशरीफ नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर बदलाव की शुरुआत की।
हादसे के पीछे मुख्य वजह भीड़ का अत्यधिक दबाव और संकरे रास्ते माने गए। इसे देखते हुए नगर निगम ने बुलडोजर चलाकर मंदिर के मुख्य मार्गों और आसपास के अवैध अतिक्रमण को हटाया। उप नगर आयुक्त शम्स रजा ने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और चौड़ा रास्ता तैयार हो सके। साथ ही, मंदिर तक जाने वाली सड़कों को चौड़ा करने की भी योजना बनाई जा रही है।
जहां भगदड़ हुई थी, उस स्थान की संरचना पर भी सवाल उठे थे। प्रशासन ने खतरनाक और संकरी सीढ़ियों को तोड़कर वहां समतल ‘स्लोप’ बनाने का काम शुरू कर दिया है, जिससे भीड़ का दबाव कम हो और लोगों के गिरने या दबने का खतरा घटे। इसके अलावा, भीड़ नियंत्रण के लिए कच्चे बांस-बल्लों की जगह मजबूत स्टील बैरिकेडिंग लगाई जा रही है।
मंदिर परिसर में स्वच्छता व्यवस्था सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जमा गंदे पानी को हटाकर साफ-सफाई की जा रही है और तालाब सहित जलभराव वाले क्षेत्रों को व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
बता दें कि दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित इस मंदिर में चैत्र माह के अंतिम मंगलवार को करीब 25 हजार श्रद्धालु जुटे थे। भीड़ के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल और प्रबंधन की कमी के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें 8 महिलाओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक महिला के बेहोश होकर गिरने के बाद अफरा-तफरी मच गई थी।
इस हादसे में मंदिर प्रबंधन, स्थानीय पुलिस और पुजारियों की लापरवाही भी सामने आई थी। आरोप है कि कुछ पुजारी दक्षिणा के लालच में पैसे लेकर श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश करा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है।



