NALANDA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृहक्षेत्र नालंदा में आयोजित जेडीयू के सम्मान समारोह के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी के दो गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मंच के सामने शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते धक्का-मुक्की और गाली-गलौज में बदल गई।
यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में बिहारशरीफ स्थित सोगरा हाई स्कूल मैदान में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने वाले जेडीयू कार्यकर्ताओं को सम्मानित करना था। शुरुआत में कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन अचानक मंच के सामने विवाद शुरू हो गया।
सम्मान को लेकर उठा विवाद
नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अस्थावां विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार द्वारा कार्यक्रम में आपराधिक प्रवृत्ति से जुड़े लोगों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया जा रहा था। इसी बात को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, जिसके बाद जेडीयू के दो गुट आमने-सामने आ गए।
विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी के सच्चे और मेहनती कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर एक खास गुट को ही सम्मानित किया गया। उनका आरोप है कि जिलाध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्षों को बुलाने के बावजूद उन्हें मंच पर सम्मान नहीं मिला, जबकि साइबर और शराब माफिया से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया।
मंत्री ने आरोपों को किया खारिज
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बिहार सरकार के सामाजिक कल्याण मंत्री मदन साहनी ने पूरे मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान पहले ही कर ली गई थी और ऐसे लोगों को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था।
मंत्री मदन सहनी ने कहाकि कोई आपस में नहीं भिड़ा है। जिन लोगों ने चुनाव के दौरान विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार का विरोध किया था, वही लोग हंगामा करने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले को लेकर विधायक की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।





