Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले में आधारभूत संरचना परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समाहरणालय में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान और निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एनएचएआई की माणिकपुर–साहेबगंज फोरलेन परियोजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने बताया कि अब तक 316 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जो संतोषजनक है। शेष लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए उन्होंने 7 फरवरी को माणिकपुर में विशेष मुआवजा भुगतान शिविर लगाने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित रैयतों को समय पर मुआवजा मिल सके।
बैठक में पारु औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रस्तावित 700 एकड़ भूमि की अधिसूचना प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा चंदवारा फेज-दो परियोजना और अखाड़ा घाट पुल निर्माण से जुड़े लंबित भुगतान मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक और संपर्क परियोजनाएं जिले के विकास की रीढ़ हैं और इनमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस मामले में मुजफ्फरपुर राज्य में लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। अब तक जिले में 2.10 लाख किसानों का निबंधन पूरा हो चुका है। डीएम ने शत-प्रतिशत निबंधन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी प्रखंड अधिकारियों को अभियान और तेज करने के निर्देश दिए।




