1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 08, 2026, 1:02:43 PM
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Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच एसटीएफ ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा कुख्यात शराब माफिया राजा साह उर्फ राजा गुप्ता आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। उसकी गिरफ्तारी ने न सिर्फ पुलिस को राहत दी है, बल्कि इलाके में सक्रिय शराब माफिया नेटवर्क में भी हड़कंप मचा दिया है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
मिली जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) को गुप्त सूचना मिली थी कि हथौड़ी थाना क्षेत्र का वांछित अपराधी राजा साह मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन परिसर के आसपास देखा गया है। सूचना की गंभीरता को समझते हुए STF की टीम ने तुरंत रणनीति बनाई और 7-8 अप्रैल 2026 की रात चुपचाप इलाके में घेराबंदी कर दी।
टीम ने पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया, ताकि आरोपी को भनक तक न लगे। जैसे ही राजा साह स्टेशन परिसर में नजर आया, पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी इतनी तेजी और सटीक तरीके से हुई कि आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
फरारी का लंबा खेल खत्म
राजा साह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था और गिरफ्तारी से बचने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाता था। लेकिन इस बार उसकी किस्मत ने साथ नहीं दिया और STF की सटीक प्लानिंग के सामने वह पकड़ में आ गया।
गिरफ्तार अपराधी हथौड़ी थाना क्षेत्र के बेरई गांव का निवासी बताया जा रहा है। उसके पिता का नाम राम बिनोद साह है।
अपराध का काला इतिहास
राजा साह का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा और खतरनाक रहा है। उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न थानों में 16 से अधिक मामले दर्ज हैं। ये मामले सिर्फ शराब तस्करी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोप भी हैं।
वह हथौड़ी थाना कांड संख्या 219/25 के तहत बिहार मद निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(ए) में वांछित था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी, लेकिन हर बार वह बच निकलता था।
गिरफ्तारी के समय बरामद सामान
जब STF ने उसे पकड़ा, तो उसके पास से कई अहम और संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गईं। इनमें 10,695 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, तीन अतिरिक्त सिम कार्ड, दो क्रेडिट कार्ड, एक घड़ी और चांदी जैसी धातु की दो अंगूठियां शामिल हैं।
पुलिस को शक है कि इन मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध शराब के नेटवर्क को संचालित करने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा था।
नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद
गिरफ्तारी के बाद राजा साह को संबंधित थाने को सौंप दिया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसके गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है।
सूत्रों की मानें तो पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे शराब तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश संभव है।
इस कार्रवाई के बाद पूरे मुजफ्फरपुर में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजा साह की गिरफ्तारी से शराब तस्करी पर काफी हद तक लगाम लग सकती है।