Bihar Police Raid : मुजफ्फरपुर जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए देर रात बड़ा एक्शन लिया। तिरहुत प्रमंडल के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने शनिवार देर रात अहियापुर थाना का औचक निरीक्षण किया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे कमिश्नर ने थाने की कार्यप्रणाली, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की स्थिति और रिकॉर्ड का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। कमिश्नर ने पाया कि कुछ पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह थे। ड्यूटी के समय अनुशासनहीनता और जिम्मेदारी में कमी को देखते हुए उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मौके पर ही तीन पुलिसकर्मियों/पदाधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उन्हें दोषी पाया गया।
कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा को तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया। उनके निर्देश पर तीनों दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से “लाइन हाजिर” कर दिया गया। इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन बनाए रखने के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित मामलों की स्थिति और आम जनता की शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि थाने में आने वाले फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कमिश्नर ने यह भी कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा और विश्वास को बनाए रखना है। यदि कोई भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस औचक निरीक्षण के बाद जिले के अन्य थानों में भी सतर्कता बढ़ गई है। पुलिस अधिकारियों के बीच यह संदेश साफ तौर पर पहुंच गया है कि अब कार्य में लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई होगी। वहीं आम लोगों में इस कदम को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, क्योंकि इससे पुलिस व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य थानों का भी इसी तरह औचक निरीक्षण किया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाते हुए जनता को बेहतर सुरक्षा और सेवा उपलब्ध कराई जाए।
कुल मिलाकर, अहियापुर थाना में हुए इस औचक निरीक्षण ने यह साबित कर दिया है कि प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है और जवाबदेही तय करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।






