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कोरोना काल में बंद हुई पैसेंजर ट्रेनों की वापसी की तैयारी, बिहार के यात्रियों को जल्द मिल सकती है बड़ी राहत

Passenger train India: कोरोना काल में बंद की गई पैसेंजर ट्रेनों को फिर से शुरू करने की तैयारी चल रही है। मोतिहारी, बेतिया और नरकटियागंज रूट पर यात्रियों को रात में ट्रेन न मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 26, 2026, 9:33:33 AM

Passenger train India

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Passenger train India: कोरोना काल के दौरान बंद की गई पैसेंजर ट्रेनों को फिर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। लंबे समय से इन ट्रेनों के बंद रहने से यात्रियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर मोतिहारी, बेतिया, नरकटियागंज और गोरखपुर रूट पर स्थिति ज्यादा खराब है।


इन रूटों पर रात के समय एक भी ट्रेन उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुजफ्फरपुर से हावड़ा जाने वाली फास्ट पैसेंजर ट्रेन, जो पहले सुबह 7 बजे चलती थी, उसे कोरोना काल में बंद कर दिया गया था। यह ट्रेन मजदूरों के लिए बेहद अहम थी, जो बड़ी संख्या में हावड़ा की यात्रा करते थे।


ट्रेन बंद होने से अब यात्रियों पर मिथिला एक्सप्रेस का दबाव बढ़ गया है, जिसमें जनरल कोच कम होने के कारण रोजाना भारी भीड़ देखने को मिलती है और यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है। मुजफ्फरपुर से गोरखपुर तक चलने वाली फास्ट पैसेंजर ट्रेन भी कोरोना काल में बंद कर दी गई थी। इस ट्रेन से व्यापारी वर्ग और दैनिक यात्री बड़ी संख्या में सफर करते थे।


दिल्ली, मुंबई, सूरत जैसे शहरों से रात में लौटने वाले यात्री इसी ट्रेन से मोतिहारी, बेतिया और नरकटियागंज की ओर आगे बढ़ते थे। ट्रेन बंद होने के बाद यात्रियों को मुजफ्फरपुर जंक्शन पर पूरी रात इंतजार करना पड़ता है और सुबह साढ़े सात बजे चलने वाली मुजफ्फरपुर–नरकटियागंज पैसेंजर ट्रेन पकड़नी पड़ती है।


रात साढ़े दस बजे चलने वाली नरकटियागंज पैसेंजर ट्रेन भी बंद कर दी गई थी, जिससे देर रात पहुंचने वाले यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई यात्रियों को मजबूरी में बस का सहारा लेना पड़ रहा है।


सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर डिवीजन की ओर से गोरखपुर से नरकटियागंज के बीच चार जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें चलाई जा रही हैं, लेकिन उनकी कनेक्टिविटी मुजफ्फरपुर तक सीमित होने से मोतिहारी और बेतिया के यात्रियों को सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ रहा है।