Hindi News / bihar / muzaffarpur-news / Bihar News: सड़क निर्माण में 'ठेकेदार' ने किया बड़ा खेल, अब पथ निर्माण...

Bihar News: सड़क निर्माण में 'ठेकेदार' ने किया बड़ा खेल, अब पथ निर्माण विभाग ने कंपनी को 10 साल के लिए किया 'ब्लैक लिस्ट'

घटिया सड़क निर्माण के मामले में पथ निर्माण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। दरभंगा के हथौड़ी कोठी PWD रोड परियोजना में गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर मुजफ्फरपुर की कंपनी M/s Royal Engineer's को 10 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated May 14, 2026, 3:26:41 PM

Bihar Road News, Bihar PWD, Road Construction Scam Bihar, Royal Engineers Muzaffarpur, Bihar Blacklisted Contractor, Darbhanga Road Construction, Cement Concrete Pavement Scam, Bihar Path Nirman Vibha

- फ़ोटो Google

Bihar Road: बिहार में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है. निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन किए जा रहे हैं. पथ निर्माण विभाग में एक ऐसे ही मामले का खुलासा हुआ है. जांच रिपोर्ट के बाद आरोपी कंपनी को 10 सालों के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है. 

पथ निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव ने 4 जुलाई 2025 को ही संवेदक M/s Royal Engineer's, Prop-Chandra Kishore Shahi, AtGayatri Mandir Road, Akharaghath, Nazirpur, Po-Shekhpura, Muzaffarpur को कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी. आरोप था कि ठेकेदार द्वारा पथ प्रमंडल, दरभंगा अन्तर्गत हथौड़ी कोठी PWD रोड तक में कराये गये Cement Concrete Pavement कार्य में अनियमितता बरती. जांच में Cement Concrete Pavement का Compresive Strength प्रावधान (305.916 kg/cm²) से कम 190.66 kg/cm' पाया गया था. 

इसके बाद पथ निर्माण विभाग ने आरोपी ठेकार से स्पष्टीकरण मांगा. जांच रिपोर्ट और ठेकादार के जवाब की समीक्षा की गई. जिसमें पाया गया कि विभागीय मार्गदर्शिका एवं MORTH के प्रावधानों के अनुरूप उक्त पथ से संग्रहित PQC (M30) के नमूनों का जाँचफल निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करता है। 

पथ प्रमंडल, दरभंगा अन्तर्गत हथौड़ी कोठी PWD रोड में कराये गये Cement Concrete Pavement कार्य प्रयुक्त Cement Concrete Pavement का Compresive Strength प्रावधान (305.916 kg cm) से कम 190.66 kg/cm पाये जाने के बाद संवेदक M/s Royal Engineer's, Prop-Chandra Kishore Shahi, Muzaffarpur को 10 (दस) वर्षों के लिए कालीकृत करने का आदेश जारी किया गया है.