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प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: बिहार में 387 लाभार्थी पैसा लेकर हो गये गायब

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 387 लाभार्थी राशि लेने के बाद घर बनाए बिना गायब हो गए हैं। विभाग ने कानूनी कार्रवाई और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की है।

बिहार न्यूज
विभाग ने शुरू की तलाश
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
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MUZAFFARPUR:बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राशि लेने के बाद 387 लाभार्थी जिले से गायब पाए गए हैं। इन लाभार्थियों ने न तो अब तक अपने घर का निर्माण शुरू किया है और न ही विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस का कोई जवाब दिया है। अब ग्रामीण विकास विभाग ने इनकी तलाश तेज कर दी है।


यह मामला तब सामने आया जब विभागीय कर्मचारियों ने भौतिक सत्यापन के दौरान लाभार्थियों के दिए गए पते पर जाकर जांच की। कई गांवों और घरों में कोई जानकारी नहीं मिलने पर विभाग ने नोटिस भेजे, लेकिन अब तक किसी का जवाब नहीं मिला है।


गायब लाभार्थियों में से 77.26 प्रतिशत (299 लाभुक) सिर्फ चार प्रखंडों पारू, औराई, कटरा और गायघाट से हैं। पारू प्रखंड में सबसे अधिक 92 लाभार्थी गायब पाए गए। औराई में 75 लाभुक, कटरा में 67 लाभुक और गायघाट में 65 लाभुक गायब मिले। इसके अलावा शेष 88 लाभुक सकरा, मड़वन, बंदरा, साहेबगंज, कुढ़नी, मीनापुर और मोतीपुर प्रखंडों से संबंधित हैं।


ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार 232 लाभार्थियों (लगभग 60%) का चयन वित्तीय वर्ष 2020-21 में हुआ था। 97 लाभुक (25%) का चयन 2019-20 में और शेष 15% लाभुक 2018-19 या उससे पहले चयनित किए गए थे। करीब 32 प्रतिशत (124 लाभुक) रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन कर चुके हैं। 


50 से अधिक लाभुकों की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन अब तक उनके नाम सूची से हटाए नहीं जा सके हैं। डीआरडीए निदेशक संजय कुमार ने बताया कि नोटिस का जवाब नहीं देने वाले लाभार्थियों के खिलाफ अब नाम सूची से हटाने, राशि की रिकवरी, एफआईआर दर्ज कराने और अन्य कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।


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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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