Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए, जब पुलिस थाना के ठीक सामने स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति आवास पर बमबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई। इस वारदात ने न सिर्फ विश्वविद्यालय परिसर बल्कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है, जब स्कूटी सवार दो बदमाश अचानक कुलपति के आवास के गेट पर पहुंचे और सुतली बम फेंककर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम विश्वविद्यालय थाना के ठीक सामने हुआ, लेकिन काफी देर तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंच सकी।
थाने के सामने अपराधियों का दुस्साहस
बताया जा रहा है कि रात करीब 10 बजे के बाद दो युवक स्कूटी पर सवार होकर कुलपति आवास के पास पहुंचे। दोनों ने पहले इलाके की स्थिति का जायजा लिया और फिर अचानक गेट के पास सुतली बम फेंक दिया।
बम फेंकने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें स्कूटी सवार बदमाश साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि वारदात थाने के ठीक सामने हुई और बावजूद इसके तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
हत्या की धमकी से बढ़ी चिंता
सूत्रों के अनुसार, इस बमबाजी के साथ ही कुलपति को हत्या की धमकी भी दी गई है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच भय का माहौल बना दिया है।
एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत
घटना की जानकारी मिलते ही सोमवार सुबह पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। साथ ही एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी बुलाया गया।
एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जली हुई सुतली और बारूद के अंश बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। इन साक्ष्यों के आधार पर अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बम किस तरह का था और किसने इसे तैयार किया था।
पुलिस के रडार पर कई एंगल
इस मामले की जांच में पुलिस कई पहलुओं पर काम कर रही है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि विश्वविद्यालय में चल रही अंदरूनी खींचतान, ठेकेदारी विवाद या योजनाओं में गड़बड़ी को लेकर यह हमला किया गया हो सकता है।
एसडीपीओ टाउन-1 सुरेश कुमार और सिटी एसपी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है और जांच टीम को जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग
पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। माना जा रहा है कि इन फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू पर बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
थाने के सामने इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पुलिस के सामने ही इस तरह की वारदात हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।




