MUZAFFARPUR: बिहार में जमीन खरीद-बिक्री करते समय हो जाएं सावधान। बिहार में भू-माफियाओं ने जमीन हड़पने का तरीका बदल लिया है। अब वे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ज़मीन पर कब्जा कर रहे हैं और उसके बाद कोर्ट में स्वत्व वाद (ownership suit) दायर कर देते हैं। इससे प्रशासन की कार्रवाई रुक जाती है और कब्जा बरकरार रहता है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि ऐसे मामलों में दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी और फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर आपराधिक मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब अब जमीन विवाद संबंधी शनिवार की बैठकें अंचल स्तर पर होंगी।
इसमें अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी, हल्का कर्मचारी और थानाध्यक्ष की उपस्थिति अनिवार्य होगी। शांति भंग की आशंका वाले मामलों को तत्काल अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास भेजा जाएगा, ताकि IPC या बिहार भूमि विवाद निपटान अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सके।
संयुक्त स्थल निरीक्षण अब अनिवार्य होगा, जिसमें थाना और अंचल कार्यालय के कर्मी एक साथ जाएंगे। इससे विरोधाभासी आदेशों से बचा जा सकेगा। यदि आप जमीन खरीद या बेच रहे हैं तो भूमि खरीद-बिक्री के समय दस्तावेजों की पूरी तरह जांच-पड़ताल जरूर कर लें। फर्जी कागजातों के जरिए कई लोग ज़मीन पर कब्जा कर रहे हैं। ऐसे जमीन माफियाओं से सतर्क रहने की जरूरत है।





