Bihar accident : Gaya जिले के Dobhi थाना क्षेत्र अंतर्गत चतरा मोड़ के पास मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जीटी रोड पर एक हाइवा वाहन की हल्की टक्कर लगने से स्कूली बच्चों से भरी एक टोटो अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में टोटो में सवार लगभग दस बच्चे घायल हो गए, जबकि चालक को भी गंभीर चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब टोटो बच्चों को लेकर स्कूल की ओर जा रही थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक हाइवा वाहन ने टोटो को हल्की टक्कर मार दी, जिससे वाहन संतुलन खो बैठा और सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए।
स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल बच्चों और टोटो चालक को तत्काल Primary Health Centre Dobhi में भर्ती कराया गया। यहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश बच्चों को हल्की चोटें आई हैं, हालांकि कुछ बच्चों को निगरानी में रखा गया है।
टोटो चालक सुबोध कुमार, जो शेरघाटी थाना क्षेत्र के भूसभूसिया गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी नाक कट गई है और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए Magadh Medical College Hospital रेफर कर दिया गया।
घायलों में खुशबू कुमारी (11), शिवानी कुमारी (10), खुशी कुमारी (16), सुहानी कुमारी (12), अंशिका कुमारी (6) और सतीश कुमार (12) समेत अन्य बच्चे शामिल हैं। सभी बच्चों का इलाज जारी है और परिजनों को सूचना मिलने के बाद वे अस्पताल पहुंच गए और अपने बच्चों को साथ ले गए।
घटना के बाद बताया जा रहा है कि टोटो को मौके से हटा दिया गया और हाइवा वाहन घटनास्थल से फरार हो गया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वाहन को हटाने की बात सामने आई है, जिससे जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जीटी रोड पर स्कूली बच्चों को ले जाने वाले टोटो, ऑटो और अन्य छोटे वाहनों का संचालन नियमों के विरुद्ध धड़ल्ले से किया जा रहा है। कई बार इन वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार जीटी रोड जैसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऐसे छोटे वाहनों का संचालन सीमित होना चाहिए, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। यही कारण है कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्कूल बसों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। न तो बसों में सीसीटीवी कैमरे होते हैं, न ही फर्स्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र या पीने के पानी की उचित व्यवस्था। कई वाहनों में एक सीट पर दो-दो बच्चों को बैठाकर ढोया जाता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि सभी स्कूल वाहनों की सघन जांच की जाए। साथ ही परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हाइवा वाहन की तलाश की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर से स्कूल बच्चों की सुरक्षा और सड़क परिवहन व्यवस्था की खामियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।





