Bihar News: बिहार के मधुबनी जिले में सकरी बस स्टैंड को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जहां नियमों की अनदेखी और भारी बकाया राशि के बावजूद संचालन जारी रखा गया। अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए न सिर्फ लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, बल्कि करोड़ों रुपये की बकाया राशि वसूलने के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, सकरी बस स्टैंड का संचालन नसीरूल हक द्वारा किया जा रहा था। नियमानुसार बस स्टैंड संचालन के लिए हर वर्ष 53 लाख 70 हजार 975 रुपये की निर्धारित राशि जमा करनी होती थी। इस हिसाब से तीन वर्षों में कुल एक करोड़ 61 लाख 12 हजार 925 रुपये जमा किए जाने थे। हालांकि, संचालक द्वारा केवल 40 लाख 25 हजार रुपये ही जमा किए गए, जिससे करीब एक करोड़ 20 लाख 87 हजार 925 रुपये की भारी बकाया राशि बन गई।
जिला प्रशासन ने इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए कई बार नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया, लेकिन इसके बावजूद कोई संतोषजनक जवाब या भुगतान नहीं किया गया। लगातार लापरवाही के बाद प्रशासन ने दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त को पत्र भेजकर बस स्टैंड की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) रद्द करने की अनुशंसा कर दी है।
मामले की जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया कि जिस निजी जमीन पर बस स्टैंड संचालित हो रहा था, उसकी लीज 28 फरवरी 2026 को ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद बिना किसी वैध अनुमति के संचालन जारी रखा गया। यह भी पाया गया कि जमीन के स्वामित्व में बदलाव की जानकारी प्रशासन को समय पर नहीं दी गई, जो नियमों का उल्लंघन है।
स्थानीय स्तर पर मिली शिकायतों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। लोगों का आरोप है कि लाइसेंस और लीज समाप्त होने के बाद भी बस स्टैंड पर जबरन टैक्स वसूली की जा रही थी। वाहन चालकों और यात्रियों से मनमाने तरीके से पैसे लिए जा रहे थे, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने अब बकाया राशि की वसूली के लिए कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। यदि जल्द ही राशि जमा नहीं की जाती है, तो नीलाम पत्र दायर कर कानूनी प्रक्रिया के तहत वसूली की जाएगी। साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
फिलहाल इस मामले में अंतिम निर्णय दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त स्तर पर लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न झेलनी पड़े।






