Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग में स्थित स्टील प्रोसेसिंग यूनिट संकट का सामना कर रही है। यूनिट बंद होने की कगार पर है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने और आसपास के क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ने की संभावना है। सरकार और उद्योग जगत इस समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रयासरत हैं।
कुमारबाग स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की यह यूनिट लंबे समय से सुचारु रूप से काम नहीं कर रही। इसे बंद करने और कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी चल रही है। यूनिट के संचालन में देरी के कारण बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने यूनिट की जमीन खाली करने का नोटिस भेजा है।
बियाडा की 50 एकड़ भूमि पर 127 करोड़ रुपये की लागत से 2007 में यूनिट की आधारशिला रखी गई थी। दो वर्ष बाद, 2009 में यूनिट तैयार हो गई, लेकिन 2012 में ही इसका ट्रायल रन हुआ। उसके बाद यह बंद रही। लंबी प्रतीक्षा के बाद फरवरी 2019 में इसे औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित किया गया।
यूनिट के संचालन के लिए 133 कर्मचारियों की नियुक्ति भी की गई थी। यहां सीजीआइ शीट और आयरन ट्यूब बनाने की योजना थी, लेकिन 50 हजार टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता वाली यूनिट से उत्पादन कभी नहीं हुआ। इसकी वजह बार मशीनरी की खराब स्थिति, कुशल श्रमिकों की कमी और बाजार में कमजोर मांग बताई गई।
मौजूदा वक्त में हालात यह है कि यूनिट की मशीनों में जंग लग गई है और भवन भी जर्जर हो चुके हैं। अधिकांश कर्मचारी घर पर रह रहे हैं। लगातार घाटे के चलते अब यूनिट बंद करने और कर्मचारियों की छंटनी की चर्चा शुरू हो गई है।
बियाडा ने यह भूमि 90 वर्ष की लीज पर सेल को आवंटित की थी। लेकिन शर्तों का पालन न करने के कारण महाप्रबंधक को आठ अक्टूबर 2025 को नोटिस भेजा गया है, जिसमें भूमि रद्दीकरण की संभावना जताई गई है। बियाडा के एरिया प्रबंधक आलोक प्रशांत ने बताया कि भूमि आवंटन के नियम एवं शर्तों के उल्लंघन के कारण नोटिस भेजा गया है। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई है और इस संबंध में आगे निर्णय लिया जाएगा।





