BIHAR NEWS : भागलपुर में जमीन विवाद को लेकर एक बार फिर राजनीति और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोजपा (रामविलास) के विधायक मिथुन यादव पर उनके ही रिश्तेदारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव का है, जहां डेढ़ बीघा जमीन को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, सुबोध यादव नामक व्यक्ति के पास गांव में पैतृक जमीन है। उन्होंने अपनी जरूरत के हिसाब से पहले कुछ हिस्से को बेच दिया था, लेकिन अब बची हुई जमीन को वह किसी भी कीमत पर बेचना नहीं चाहते। आरोप है कि इसी जमीन पर विधायक मिथुन यादव की नजर है और वे इसे जबरन खरीदना चाहते हैं।
घटना को लेकर सुबोध यादव की पत्नी पिंकी देवी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधायक लगातार उनके परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बना रहे थे। जब उनके पति ने साफ इनकार कर दिया, तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पिंकी देवी के मुताबिक, घटना वाले दिन उनके पति रोज की तरह खेत देखने गए थे, तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और विवाद शुरू हो गया।
महिला का आरोप है कि इन लोगों में विधायक के करीबी सहयोगी और कुछ हथियारबंद लोग शामिल थे। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने पहले गाली-गलौज की और फिर सुबोध यादव की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर ब्लैक स्कॉर्पियो से आए कुछ लोग एक व्यक्ति को पीटते हुए नजर आ रहे हैं।
पिंकी देवी ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान वहां एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। उनका आरोप है कि मारपीट के बाद उनके पति को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश भी की गई और उनके हाथ में हथियार थमाने का प्रयास किया गया।
इस पूरे विवाद को लेकर पीड़ित परिवार का कहना है कि यह मामला नया नहीं है, बल्कि पिछले कई दशकों से उनके परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जाता रहा है। पिंकी देवी के अनुसार, करीब 50 वर्षों से यह विवाद चला आ रहा है और अब यह हिंसा तक पहुंच गया है।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने मधुसूदनपुर थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। इधर, भागलपुर के एसएसपी प्रमोद यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से एग्रीमेंट था, जिसको लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भेजा गया है और जांच के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, वायरल वीडियो और गंभीर आरोपों के चलते यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।






