Bihar News : बिहार सरकार देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मुंबई में 35 मंजिला ‘बिहार भवन’ का निर्माण इसी वर्ष शुरू किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 314.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे 30 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भवन निर्माण विभाग ने इस परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब इसके निर्माण की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
दरअसल, इस बिहार भवन के निर्माण का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र में रह रहे बिहार के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और राज्य में निवेश को बढ़ावा देना है। मुंबई जैसे बड़े कारोबारी शहर में बिहार भवन बनने से न केवल निवेशकों को सहयोग मिलेगा, बल्कि बिहार की औद्योगिक संभावनाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही यह भवन बिहार और महाराष्ट्र के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को और सशक्त करेगा।
सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को राज्य मंत्रिपरिषद ने 13 जनवरी 2026 को ही मंजूरी दे दी थी। इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने तकनीकी तैयारियों पर तेजी से काम शुरू कर दिया। अब प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
इस अत्याधुनिक भवन में सभी जरूरी और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसमें हाई-स्पीड लिफ्ट, पावर बैकअप के लिए जेनरेटर, बिजली सबस्टेशन, सेंट्रल एसी सिस्टम, छत पर सौर ऊर्जा प्लांट, एसटीपी और ईटीपी जैसी पर्यावरणीय व्यवस्थाएं शामिल होंगी। इसके अलावा भवन में फायर सेफ्टी के उच्च मानकों का पालन किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
भवन तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क संपर्क और वाहनों की पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। तीन मंजिला बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दी जाएगी, जिससे बड़ी संख्या में वाहन आसानी से खड़े किए जा सकेंगे। यह सुविधा खास तौर पर वहां ठहरने वाले लोगों और आगंतुकों के लिए बेहद उपयोगी होगी।
जानकारी के मुताबिक, इस बिहार भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल करीब 3.10 लाख वर्गफुट होगा। भवन में तीन बेसमेंट फ्लोर, ग्राउंड फ्लोर और मेजनाइन फ्लोर के अलावा ऊपर 30 मंजिलें बनाई जाएंगी। इन मंजिलों में अलग-अलग श्रेणी के लोगों के ठहरने के लिए विशेष व्यवस्था होगी। वीवीआईपी और वीआईपी मेहमानों के लिए लग्जरी सूइट्स बनाए जाएंगे, जबकि आम लोगों के लिए कमरे और डोरमेटरी की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
इसके अलावा भवन में कैफेटेरिया की भी व्यवस्था होगी, जहां ठहरने वाले लोग भोजन और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस तरह यह भवन न सिर्फ एक प्रशासनिक केंद्र होगा, बल्कि बिहार के लोगों के लिए मुंबई में एक सुरक्षित और सुविधाजनक ठिकाना भी बनेगा।
कुल मिलाकर, मुंबई में बनने वाला यह बिहार भवन राज्य के विकास और पहचान को नई ऊंचाई देने वाला साबित हो सकता है। इससे न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बाहर रहने वाले बिहारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।






