1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 21, 2026, 10:48:33 PM
बंगाल नंबर गाड़ी में बैठने से किया इनकार - फ़ोटो सोशल मीडिया
KISHANGANJ: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के किशनगंज दौरे के दौरान एक घटनाक्रम ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा कर रख दी है। दरअसल मंगलवार को जैसे ही प्रत्यय अमृत किशनगंज एयरपोर्ट पहुंचे, वहां की व्यवस्था देखकर नाराज हो गए। जिला प्रशासन ने उन्हें लेने के लिए पश्चिम बंगाल नंबर की गाड़ी भेजी थी, जिसे देखकर उन्होंने उसमें बैठने से साफ इनकार कर दिया।
जिसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था की गई। वो दूसरी गाड़ी से मीटिंगे के लिए समाहरणालय पहुंचे। जहां उन्होंने डीजीपी विनय कुमार के साथ अधिकारियों की बैठक की और विभिन्न प्रशासनिक एवं सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा की। बैठक खत्म होने के बाद भी उनकी नाराजगी बनी रही और वे बिना लंच किए ही पटना के लिए प्रस्थान कर गये।
बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट पर बंगाल नंबर की गाड़ी उपलब्ध कराना मुख्य सचिव को नागवार गुजरा। इसके बाद उन्हें पूर्णिया प्रमंडलीय आयुक्त की सरकारी गाड़ी से उन्हें समाहरणालय लाया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि किशनगंज में सीमांचल क्षेत्र और भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की, जिसमें डीजीपी विनय कुमार के साथ-साथ किशनगंज और अररिया के डीएम, एसपी एवं सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। केंद्र सरकार भी सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को लेकर सख्त है। अमित शाह ने हाल ही में सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठ रोकने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर रणनीति तैयार की थी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अगले महीने दिल्ली में होने वाली समीक्षा बैठक में अमित शाह एक बार फिर नेपाल सीमा से सटे जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे, जिसमें मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार के शामिल होने की संभावना है।