Khagaria-Purnia Four Lane Project: बिहार के खगड़िया–पूर्णिया फोरलेन सड़क परियोजना उत्तर बिहार के लिए गेम चेंजर बनेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा के प्रश्नकाल में जानकारी देते हुए बताया कि खगड़िया से पूर्णिया को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) के फोरलेन निर्माण की परियोजना को विभाग स्तर की मंजूरी मिल चुकी है। वहीं अगले 15 दिनों में इस परियोजना को कैबिनेट से भी मंजूरी मिलने की संभावना है। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 4,000 करोड़ रुपये है।
दरअसल, आज लोकसभा में खगड़िया सांसद राजेश वर्मा ने खगड़िया–पूर्णिया फोरलेन सड़कों के निर्माण से संबंधित जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में नितिन गडकरी ने बताया कि परियोजना के प्रारंभिक तकनीकी पहलुओं को लगभग पूरा कर लिया गया है। डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है और भूमि अधिग्रहण से जुड़े काम में तेजी लाई जा रही है। मंत्री ने संकेत दिए कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और अगले एक से डेढ़ महीने में निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।
फोरलेन बनने से यात्रा का समय घटेगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी। वर्तमान में खगड़िया से पूर्णिया के बीच केवल 2-लेन सड़क है, जिसकी स्थिति कई जगह खराब है। बारिश के मौसम में मार्ग और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। लंबे समय तक जाम और दुर्घटनाओं की समस्या रहती है। फोरलेन सड़क बनने के बाद खगड़िया–पूर्णिया यात्रा का समय लगभग 4 घंटे से घटकर 2 से 3 घंटे हो जाएगा। इससे न केवल दोनों जिलों के बीच यात्रा सुगम होगी, बल्कि पूरे सीमांचल और कोसी क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि। खगड़िया–पूर्णिया फोरलेन सड़क का सबसे बड़ा लाभ कोसी और सीमांचल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मिलेगा। यह क्षेत्र लंबे समय से पिछड़ेपन और कनेक्टिविटी की कमी से जूझ रहा है। सड़क के निर्माण से कृषि उत्पादों जैसे मक्का, धान, केला और मछली की ढुलाई बड़े बाजारों तक आसान होगी। स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
निर्माण कार्य के दौरान हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। सड़क बनने के बाद ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, होटल और अन्य सेवा क्षेत्रों का भी विकास होगा। इसके अलावा, बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में सुधार होगा, जिससे स्थानीय जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।





