1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 26, 2026, 10:45:41 PM
देवदूत बनकर आईं दो महिला रेल कर्मी - फ़ोटो रिपोर्टर
KATIHAR: कटिहार रेलवे स्टेशन पर मानवता, साहस और सूझबूझ की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। मुंबई से डिब्रूगढ़ जा रही एलटीटी एक्सप्रेस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ट्रेन कटिहार स्टेशन पहुंची तो हालात बेहद गंभीर हो चुके थे। मां और बच्चे दोनों की जान खतरे में थी और डॉक्टर के पहुंचने में अभी समय लगना था। ऐसे मुश्किल समय में रेलवे की दो महिला कर्मियों ने देवदूत बनकर महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई।
दरअसल, ट्रेन के कटिहार स्टेशन पहुंचते ही महिला को तेज लेबर पेन शुरू हो गया। बोगी में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चिंता का माहौल बन गया। इसकी सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ को दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे की महिला सब-इंस्पेक्टर मुक्ति सिंकू और महिला कॉन्स्टेबल विमलेश मौके पर पहुंचीं।
दोनों महिला कर्मियों ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला और अपनी सूझबूझ व हिम्मत से प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ही महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई। इस दौरान बेडशीट और जरूरी सामान की व्यवस्था की गई। महिला कॉन्स्टेबल विमलेश ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है और स्थिति गंभीर है। इसके बाद वह तुरंत मौके पर पहुंचीं और अपनी सहयोगी के साथ मिलकर सुरक्षित प्रसव कराया। उन्होंने बताया कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और बच्ची का जन्म हुआ है।
वहीं आरपीएफ की सब-इंस्पेक्टर मुक्ति सिंकू ने बताया कि सूचना मिलते ही उन्होंने अपने स्टाफ और जीआरपी टीम को बुलाया। सभी ने मिलकर महिला की मदद की और सुरक्षित डिलीवरी कराई। बाद में रेलवे डॉक्टर को बुलाकर प्राथमिक उपचार कराया गया और जच्चा-बच्चा को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। रेलवे कर्मियों की इस बहादुरी और मानवता की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। कटिहार स्टेशन पर घटी यह घटना साबित करती है कि संकट की घड़ी में संवेदनशीलता, साहस और त्वरित निर्णय कई जिंदगियां बचा सकते हैं।