Katihar police clash : बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू कराने के दौरान पुलिस को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में कटिहार जिले के बलरामपुर थाना क्षेत्र में उस वक्त हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब शराब मामले के एक आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों, खासकर महिलाओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, बलरामपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि महावीर सिंह नामक व्यक्ति शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त है और उसके खिलाफ वारंट जारी है। इसी सूचना के आधार पर एएसआई शैलेश कुमार और वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए उसके इलाके में पहुंची। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया और उसे पुलिस वाहन में बैठा दिया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस आरोपी को लेकर भेलाई के पास पहुंची, वहां मौजूद ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और महिलाएं मौके पर जमा हो गईं। महिलाओं ने पुलिस वाहन को चारों तरफ से घेर लिया और रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी को छुड़ाने की कोशिश में महिलाएं पुलिसकर्मियों से उलझ गईं और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब विरोध कर रहीं महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस आरोपी को अपने कब्जे में रखने की कोशिश कर रही है, जबकि महिलाएं और कुछ स्थानीय लोग उसे छुड़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस टीम के साथ कोई महिला कांस्टेबल मौजूद नहीं थी, बावजूद इसके महिलाओं के साथ जबरदस्ती की गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहतीं तो हालात इतने तनावपूर्ण नहीं होते।
वहीं, इस पूरे मामले पर बलरामपुर थानाध्यक्ष विकास पासवान ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालना और पुलिस पर हमला करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थानाध्यक्ष के मुताबिक, इस मामले में चार नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी रूप से लागू करना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। फिलहाल इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


