Patna News: राजधानी पटना का जेपी गंगा पथ अब न सिर्फ सफर का रास्ता होगा, बल्कि एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अनुभव का केंद्र भी बनेगा। यहां गंगा नदी के विभिन्न नामों मंदाकिनी, भागीरथी, सुरसरिता, अलकनंदा, जाह्नवी से सजे भव्य तोरण द्वार (Arch Gates) यात्रियों और पर्यटकों का स्वागत करेंगे। जैसे-जैसे आप इस मार्ग पर आगे बढ़ेंगे, गंगा की महिमा और सांस्कृतिक पहचान आपको हर कदम पर महसूस होगी।
यह परियोजना पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड (PSCL) द्वारा चलाई जा रही है, जिसके तहत 52.81 करोड़ रुपए की लागत से जेपी गंगा पथ को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। योजना के तहत दीघा रोटरी से एलसीटी घाट तक लगभग तीन किलोमीटर के दायरे में सुंदर लैंडस्केपिंग, पौधारोपण, जिग-जैग पाथवे का निर्माण किया जाएगा।
इस क्षेत्र में 13,500 वर्गफीट में हरित क्षेत्र और 25 फीट ऊंचे 15 तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। हर गेट पर गंगा के विभिन्न नाम अंकित होंगे, जो उसकी पौराणिक महत्ता को दर्शाएंगे। इन द्वारों का निर्माण चेन्नई के अनुभवी कलाकारों द्वारा किया जा रहा है।
जेपी गंगा पथ पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 12 फीट ऊंची थ्री-डी म्यूरल संरचनाएं भी स्थापित की जाएंगी। ये म्यूरल GRC (Glass Reinforced Concrete) से बनाए जाएंगे, जो सीमेंट, बालू, पानी और ग्लास फाइबर का संयोजन होता है, जो मजबूत, टिकाऊ और सौंदर्यपूर्ण होता है।
इन म्यूरल्स के पास सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे ताकि आगंतुक इन ऐतिहासिक शख्सियतों की स्मृति को अपने कैमरे में कैद कर सकें। इस क्षेत्र को आकर्षक आर्किटेक्चरल लाइटिंग से सजाया जाएगा, जिसका निर्माण कार्य दिल्ली के कारीगरों द्वारा किया जा रहा है।
परियोजना के तहत क्षेत्र को स्थानीय व्यापारियों और स्टार्टअप्स के लिए भी उपयुक्त बनाया जा रहा है। यहां 500 फैब्रिकेटेड दुकानों की स्थापना की जा रही है, जिससे यह स्थल फूड हब और मार्केटप्लेस के रूप में विकसित होगा। शुरुआत में एक आकर्षक प्रवेश द्वार, डेकोरेटिव लाइटिंग, गार्डन लाइट और राजस्थान के लाइमस्टोन से 8000 वर्गफीट की फ्लोरिंग की जाएगी।
जेपी गंगा पथ आज पटना के युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए मनोरंजन, सैर और सांस्कृतिक अनुभव का प्रमुख स्थान बन चुका है। सुबह की सैर हो या शाम की रंगीन चहल-पहल — यह स्थान लगातार लोगों को आकर्षित कर रहा है। यहां की चकाचक सड़कें, गंगा की ठंडी हवाएं, और शाम की लाइटिंग इसकी सुंदरता में चार चांद लगा देती हैं।
लोग यहां आकर घुड़सवारी, बैटरी कार की सवारी, वर्चुअल रियलिटी हेडसेट, और गंगा में नौकायन (बोटिंग) का आनंद ले रहे हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में लगने वाले फूड स्टॉल्स, स्थानीय उत्पादों की दुकानें, और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस स्थान को एक संपूर्ण पर्यटन स्थल का रूप देने में जुटे हैं।

