ब्रेकिंग
Earthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिलीEarthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिली

बहुचर्चित संजीव हंस मामले में आरोपी पूर्व विधायक गुलाब यादव को मिली जमानत, पटना हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

बहुचर्चित आईएएस संजीव हंस केस में बड़ी खबर, करीब 11 महीने से जेल में बंद पूर्व विधायक गुलाब यादव को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। ईडी ने गुलाब यादव और आईएएस संजीव हंस को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।

Patna News
© Google
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA: आईएएस संजीव हंस के साथ मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले में करीब 11 महीने से जेल में बंद पूर्व विधायक गुलाब यादव को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गयी है. पटना हाईकोर्ट में जस्टिस चंद्रशेखर झा की बेंच ने गुलाब यादव को जमानत पर रिहा करने का आदेश सुनाया है.


बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने पूर्व विधायक गुलाब यादव को पिछले साल यानि 2024 के 18 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया था. गुलाब यादव को दिल्ली के एक रिसार्ट से गिरफ्तार किया गया था. ईडी ने उसी दिन बिहार के सीनियर आईएएस अधिकारी संजीव हंस को भी पटना से गिरफ्तार किया था. 


मनी लॉन्ड्रिंग का था आरोप

प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में की थी. दरअसल, आईएएस अधिकारी संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने 2024 के जुलाई महीने में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी. गुलाब यादव के पटना, झंझारपुर, पुणे के आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था।


ईडी की पहल पर बिहार की विशेष निगरानी इकाई ने भी हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। विशेष निगरानी की कार्रवाई के आधार पर ईडी ने कुछ दिन पहले ही आइएएस हंस व पूर्व विधायक गुलाब यादव, हंस की पत्नी समेत अन्य के खिलाफ नए सिरे से मनी लॉन्ड्रिंग का नया मामला दर्ज किया था।


मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दर्ज केस के आधार पर ईडी ने 18 अक्टूबर 2024 को बड़ी कार्रवाई की और  गुलाब यादव और संजीव हंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. गुलाब यादव पर ईडी ने आरोप लगाया था कि वह संजीव हंस की अवैध कमाई का हिस्सेदार है. संजीव हंस जिस विभाग में कार्यरत थे, वहां के ठेके-पट्टे में गुलाब यादव के जरिये अवैध कमाई की सेटिंग होती थी. ईडी ने महाराष्ट्र के पूणे में गुलाब यादव और संजीव हंस की सांझा संपत्ति होने का भी आरोप लगाता था.


बता दें कि गुलाब यादव 2015 में आरजेडी के टिकट पर मधुबनी जिले के झंझारपुर से विधायक चुने गये थे. उन्होंने 2019 में आरजेडी के टिकट पर झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था. बाद में 2020 में पार्टी ने उन्हें टिकट से बेदखल कर दिया था तो गुलाब ने पार्टी छोड़ दी थी. वे 2024 का लोकसभा चुनाव बसपा के टिकट पर लड़े थे. गुलाब यादव की पत्नी अंबिका यादव विधान पार्षद हैं, वहीं बेची बिंदू गुलाब यादव मधुबनी जिला परिषद की अध्यक्ष और मुकेश सहनी की पार्टी की नेत्री हैं.

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें