Bihar school : राज्य के सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही अप्रैल माह में व्यापक नामांकन अभियान चलाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए संकुल स्तर पर ‘प्रकाश उत्सव’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को जागरूक कर अधिक से अधिक नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के तहत बच्चों का उनकी आयु के अनुसार कक्षाओं में नामांकन किया जाएगा, ताकि वे अपनी उम्र के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकें। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे और सभी को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। इसके लिए क्लस्टर रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्यभर के लगभग 80 हजार सरकारी स्कूलों में नामांकन के साथ-साथ बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। सीआरसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नामांकित छात्र-छात्राएं नियमित रूप से स्कूल आएं और उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। इसके अलावा, बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप निर्धारित शैक्षणिक दक्षता भी प्रदान की जाएगी।
अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों का स्कूल में नामांकन है। सीआरसी क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित 6 वर्ष के बच्चों को उनके पोषक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में दाखिला दिलाया जाएगा। इसके लिए संकुल संसाधन केंद्र, आंगनबाड़ी सेविकाओं और संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि नामांकन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
इसके अलावा, उन बच्चों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा जो उम्र के हिसाब से पिछली कक्षाओं में हैं या कभी स्कूल नहीं गए। 7-8 वर्ष से लेकर 10-11 वर्ष तक के बच्चों को उनकी उम्र के अनुरूप कक्षाओं में नामांकित किया जाएगा। ऐसे बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे अपनी कक्षा के स्तर तक पहुंच सकें। इसके लिए गैर-आवासीय प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाएंगे, जहां बच्चों को आधारभूत ज्ञान और कौशल प्रदान किया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए स्कूल संसाधन केंद्र, प्रखंड संसाधन केंद्र और जिला स्तर के अधिकारी मिलकर काम करेंगे। नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नामांकन के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार हो।
शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से न केवल नामांकन दर में वृद्धि होगी, बल्कि बच्चों की उपस्थिति और सीखने के स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। ‘प्रकाश उत्सव’ के जरिए शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अभिभावकों की भागीदारी भी मजबूत होगी, जिससे राज्य में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।






