1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 13, 2026, 9:02:42 AM
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Bihar News : गोपालगंज से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने जदयू विधायक के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय उर्फ पप्पू पाण्डेय, उनके बड़े भाई सतीश पाण्डेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वारंट जारी होने के बाद गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की गई।
सुबह-सुबह पुलिस टीम हथुआ के तुलसिया स्थित विधायक के आवास पर पहुंची और पूरे परिसर की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी मौके से फरार हो चुके थे, जिसके कारण पुलिस को तत्काल कोई सफलता नहीं मिल सकी। इसके बावजूद पुलिस ने आसपास के इलाकों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया और संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला भू-माफियाओं को संरक्षण देने से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि विधायक और उनके सहयोगी अवैध जमीन कारोबार में संलिप्त लोगों को संरक्षण दे रहे थे, जिसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद न्यायालय ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
इस मामले में पुलिस पहले भी कार्रवाई कर चुकी है और अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। लेकिन मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के संभावित ठिकानों की पहचान कर ली गई है और टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि आरोपी राज्य से बाहर न भाग सकें।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी दल पर हमलावर हो सकते हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पुलिस फरार विधायक और उनके सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।