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नीतीश राज का एक और पुल होने वाला है धराशायी? 549 करोड़ के मेगाब्रिज पर खतरा; महासेतु में गैप और दरार; रोका गया भारी वाहनों का परिचालन

गोपालगंज और बेतिया को जोड़ने वाले जादोपुर-मंगलपुर महासेतु में स्पैन गैप और पाया धंसने की खबर से हड़कंप मच गया। प्रशासन ने भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है और विशेषज्ञ टीम जांच में जुटेगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 23, 2026, 3:05:14 PM

 नीतीश राज का एक और पुल होने वाला है धराशायी?  549 करोड़ के मेगाब्रिज पर खतरा; महासेतु में गैप और दरार; रोका गया भारी वाहनों का परिचालन

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Gopalganj Mega Bridge : गोपालगंज और पश्चिम चंपारण के बीच आवागमन की सबसे अहम कड़ी माने जाने वाले जादोपुर-मंगलपुर महासेतु में आई तकनीकी खराबी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पुल के स्पैन में गैप आने और पाया संख्या-5 के धंसने की खबर सामने आने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। स्थानीय लोगों के बीच किसी बड़े हादसे की आशंका को लेकर दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो यह बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।


करीब 549 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मेगाब्रिज का उद्घाटन 17 मार्च 2016 को मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने किया था। लगभग 16.5 किलोमीटर लंबे इस महासेतु ने गोपालगंज और बेतिया के बीच की दूरी करीब 100 किलोमीटर तक कम कर दी थी। यही वजह है कि यह पुल उत्तर बिहार के लाखों लोगों के लिए लाइफलाइन बन चुका है। प्रतिदिन हजारों छोटे और बड़े वाहन इस पुल से होकर गुजरते हैं।


महासेतु के एक हिस्से में गैप दिखाई देने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए। मौके पर गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा, एसडीएम अनिल कुमार, जल संसाधन विभाग और पुल निर्माण निगम के अधिकारी पहुंचे और पुल की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रभावित हिस्से का जायजा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।


डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि पुल के स्पैन में गैप आने की सूचना मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि तकनीकी जांच के लिए रिपोर्ट पटना स्थित विशेषज्ञ संस्थानों को भेज दी गई है। जल्द ही विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर पुल की विस्तृत जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


प्रशासन ने एहतियातन फिलहाल भारी और बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि पुल पर अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है ताकि मरम्मत कार्य सुरक्षित तरीके से कराया जा सके। हालांकि छोटे और हल्के वाहनों का परिचालन फिलहाल जारी है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे पुल से गुजरते समय सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।


स्थानीय लोगों का कहना है कि यह महासेतु गोपालगंज और पश्चिम चंपारण को जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। पुल में आई खराबी के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई लोगों ने पुल की गुणवत्ता और रखरखाव पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि इतने कम समय में पुल में इस तरह की समस्या सामने आना गंभीर मामला है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।


अब लोगों की नजर विशेषज्ञ टीम की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही तकनीकी जांच पूरी होने के बाद पुल की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी, ताकि लाखों लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।