Dasrath manjhi :बिहार के दशरथ मांझी के कार्यों से कौन परिचित नहीं है? गहलौर घाटी के ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी ने अपने अद्भुत परिश्रम और समर्पण से न केवल बिहार बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई। अब भारतीय सेना ने गहलौर में दशरथ मांझी के योगदान को सम्मानित करते हुए उनके परिवार को यह सम्मान प्रदान किया है।भारतीय सेना ने भागीरथ मांझी को ₹5 लाख का चेक प्रदान किया है और कहा कि राष्ट्र निर्माण और समाज कल्याण के उनके प्रयासों को ध्यान में रखते हुए यह सम्मान राशि दी गई है।
सेना का उद्देश्य
यह सहायता राशि समाज में सतत विकास को बढ़ावा देने और लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश फैलाने के उद्देश्य से दी गई है। बिहार के गौरव ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी को भारतीय सेना ने सम्मानित किया। सेना ने समाज कल्याण और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें ₹5 लाख की सहायता राशि प्रदान की। यह सम्मान दशरथ मांझी की विरासत को सलाम करते हुए उनके परिवार के प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया गया है।
बिहार के प्रसिद्ध ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी, जिन्होंने अकेले अपने प्रयासों से पहाड़ काटकर रास्ता बनाया, उनके बेटे भागीरथ मांझी को भारतीय सेना ने सम्मानित किया है। सेना ने उन्हें ₹5 लाख की सम्मान राशि भेंट की और उनके समाज कल्याण के प्रयासों की सराहना की।





