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Bihar News : डीजल 100 के पार, फिर भी नहीं बढ़ेगा सरकारी बसों का किराया, यात्रियों को बड़ी राहत

गया में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर पार पहुंचने के बावजूद बीएसआरटीसी ने सरकारी बस किराया नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 27, 2026, 7:56:36 AM

Bihar News : डीजल 100 के पार, फिर भी नहीं बढ़ेगा सरकारी बसों का किराया, यात्रियों को बड़ी राहत

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Bihar News : पश्चिमी एशिया में जारी तनाव और युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। इसका असर अब देश के आम लोगों की जेब पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे परिवहन व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। बिहार के गया शहर में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण जहां निजी बस और वाहन संचालक किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं, वहीं बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने आम यात्रियों को बड़ी राहत दी है।


बीएसआरटीसी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सरकारी बसों के किराए में किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष कुमार ने कहा कि डीजल की कीमतों में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन जब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिलता, तब तक किराया बढ़ाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि निगम यात्रियों की सुविधा और राहत को प्राथमिकता देते हुए वर्तमान किराया व्यवस्था को जारी रखेगा।


इस फैसले से रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को राहत मिली है। खासकर नौकरीपेशा लोग, छात्र, छोटे व्यवसायी और ग्रामीण इलाकों से शहर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह निर्णय काफी फायदेमंद माना जा रहा है। महंगाई के इस दौर में यदि बस किराया भी बढ़ जाता, तो आम लोगों का मासिक बजट और अधिक प्रभावित होता।


वर्तमान किराया व्यवस्था के अनुसार गया से औरंगाबाद तक डीलक्स बस का किराया 149 रुपये तय है, जबकि सेमी डीलक्स बस के लिए यात्रियों को 124 रुपये देने पड़ते हैं। निगम ने साफ किया है कि इन किरायों में अभी किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। यात्रियों का कहना है कि निजी वाहनों और प्राइवेट बसों की तुलना में सरकारी बसें पहले से ही किफायती हैं और किराया स्थिर रहने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।


दूसरी ओर, निजी परिवहन संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती डीजल कीमतों के कारण संचालन लागत बढ़ गई है। वाहन मालिकों को मेंटेनेंस, ड्राइवर वेतन और ईंधन खर्च में अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। ऐसे में किराया बढ़ाना उनके लिए मजबूरी बन सकता है। हालांकि सरकारी बसों के किराए में स्थिरता बनाए रखने के फैसले ने निजी परिवहन पर भी दबाव बढ़ा दिया है।


विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में परिवहन क्षेत्र पर और अधिक असर देखने को मिल सकता है। लेकिन फिलहाल बीएसआरटीसी का यह कदम आम जनता के लिए राहत देने वाला साबित हो रहा है।


गौरतलब है कि बिहार राज्य पथ परिवहन निगम पिछले कुछ समय से यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। नई बसों का संचालन, समयबद्ध सेवा और किराए में स्थिरता जैसी पहल से यात्रियों का भरोसा सरकारी परिवहन पर बढ़ रहा है।


महंगाई और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच बीएसआरटीसी का यह फैसला आम लोगों के लिए राहत की खबर बनकर सामने आया है। यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में भी सरकार उनकी सुविधा और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए इसी तरह के निर्णय लेती रहेगी।