Bihar News: पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल देशवासियों में गर्व की लहर दौड़ा दी, बल्कि यह अभियान अब आम जनजीवन में भी अपनी खास जगह बना रहा है। इसी गौरवपूर्ण भावना को समर्पित करते हुए कटिहार जिले के कुर्सेला प्रखंड निवासी एक दंपती ने अपनी नवजात बेटी का नाम 'सिंदूरी' रखा है। बता दें कि संतोष मंडल और उनकी पत्नी राखी कुमारी की बेटी का जन्म 7 मई को हुआ, उसी दिन जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और उन्हें ध्वस्त कर दिया। इस सर्जिकल ऑपरेशन में बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए, जिससे देश में उत्साह और गर्व का माहौल है।
सबसे बड़ी बात यह रही कि ऑपरेशन सिंदूर की अगुवाई भारतीय वायुसेना और सेना में तैनात महिला अफसरों ने की। इन बहादुर बेटियों ने युद्ध कौशल, निर्णय क्षमता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंक के खिलाफ एक निर्णायक वार किया। यही कारण है कि संतोष और राखी ने अपनी बेटी का नाम 'सिंदूरी' रखने का फैसला किया, जो भारत की बेटियों की शक्ति और सम्मान का प्रतीक बन गया है। इस खबर के फैलते ही कुर्सेला क्षेत्र में लोगों ने नवजात और उसके माता-पिता को बधाइयाँ दीं। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल एक नामकरण है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को देशप्रेम और शौर्य की प्रेरणा देने वाला संदेश भी है।
वहीं, सोशल मीडिया पर भी #Sindoori नाम ट्रेंड कर रहा है, जहाँ लोग इस नाम को 'शौर्य की संतान' कहकर संबोधित कर रहे हैं।संतोष मंडल ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमने बेटी का नाम सिंदूरी रखा क्योंकि वह उस ऐतिहासिक दिन पैदा हुई जब हमारी सेना ने देश के दुश्मनों को करारा जवाब दिया। हमें गर्व है कि हमारी बेटी का नाम उस अभियान की याद दिलाएगा जिसने हमें एकजुट किया।” ऑपरेशन सिंदूर अब केवल एक सैन्य अभियान नहीं रहा, यह एक प्रतीक बन गया है, राष्ट्र की एकता, साहस और महिलाओं की भूमिका के विस्तार का।




