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Bihar News : 10 दिन पहले हुआ उद्घाटन, अब धंस गया 26 करोड़ का ओवरब्रिज! बक्सर की घटना ने खोल दी निर्माण एजेंसी की पोल

बिहार के बक्सर में 26.40 करोड़ रुपये से बना रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन के महज 10 दिन बाद ही धंस गया। लोगों ने निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। आखिर कौन है जिम्मेदार?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 05, 2026, 11:01:19 AM

Bihar News : 10 दिन पहले हुआ उद्घाटन, अब धंस गया 26 करोड़ का ओवरब्रिज! बक्सर की घटना ने खोल दी निर्माण एजेंसी की पोल

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Bihar News : बिहार के बक्सर जिले में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों को जाम से राहत देने के उद्देश्य से बनाए गए इस पुल का एक हिस्सा उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद धंस गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।


जानकारी के अनुसार, इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज का ऊपरी स्लैब अचानक नीचे बैठ गया। पुल की सड़क सतह पर करीब एक फीट तक धंसाव देखा गया है। यह वही पुल है जिसे हाल ही में आम लोगों के लिए खोला गया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल का उद्घाटन लगभग 10 दिन पहले हुआ था और वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी थी। ऐसे में इतने कम समय में पुल का क्षतिग्रस्त होना कई सवाल खड़े कर रहा है।


बताया जा रहा है कि इस रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण पर लगभग 26.40 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। करीब 950 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम की समस्या को खत्म करने के लिए किया गया था। इस परियोजना से शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सामने आई इस घटना ने लोगों का भरोसा हिला दिया है।


घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। कई लोगों का दावा है कि पुल निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य को जल्दबाजी में पूरा करने के कारण तकनीकी खामियां रह गईं, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है।


मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पुल की सतह पर साफ तौर पर धंसाव देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर भी इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। तस्वीरों में पुल का एक हिस्सा नीचे बैठा हुआ नजर आ रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। साथ ही तकनीकी टीमों को मौके पर भेजकर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही धंसाव के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।


गौरतलब है कि बिहार में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पुलों और पुलियों के क्षतिग्रस्त होने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में भागलपुर को उत्तर बिहार से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु का स्लैब भी क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण वहां यातायात प्रभावित हुआ। इसके अलावा राज्य के विभिन्न जिलों में कई पुल गिरने या क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।


आंकड़ों के अनुसार, बिहार में बीते पांच वर्षों के दौरान लगभग 26 पुलों के गिरने या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में बक्सर की यह नई घटना एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। अब लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।