Bihar Weather: बिहार में मानसून ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है और ऐसे में सोमवार को हुई मूसलधार बारिश ने राजधानी पटना को जलजमाव की मुश्किल में डाल दिया है। जंक्शन, गांधी मैदान, खेतान मार्केट और जेपी गंगा पथ जैसे प्रमुख इलाकों में दो से तीन फीट पानी जमा हो गया, जिससे यातायात और जनजीवन ठप हो गया था। फतुहा प्रखंड के छह गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जहां 500 बीघा धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। अब मौसम विभाग ने मंगलवार, 26 अगस्त को राज्य के 24 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पटना, गया, नालंदा, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिले इस अलर्ट में शामिल हैं, जहां नदियों के उफान पर होने से बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को बिहार के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पटना, गया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि पूर्णिया, कटिहार और पश्चिम चंपारण में मध्यम बारिश के आसार हैं। यह बारिश उमस और गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत देगी, लेकिन कई जिलों में जलजमाव और बाढ़ की समस्या बढ़ा सकती है। पटना में सुबह से बादल छाए रहेंगे और दोपहर बाद कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक पटना में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, जिससे अधिकतम तापमान में कमी आएगी और मौसम सुहाना रहेगा।
हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबी नहीं चलेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 27 अगस्त के बाद बंगाल की खाड़ी में बनने वाला लो-प्रेशर एरिया 28 और 29 अगस्त को बिहार में भारी बारिश का नया दौर शुरू करेगा। इस दौरान बारिश की तीव्रता और तेज हो सकती है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। खासकर उत्तर बिहार के जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार में बाढ़ का खतरा ज्यादा है, क्योंकि ये इलाके नेपाल से आने वाली नदियों के करीब हैं। विभाग ने 31 अगस्त तक हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए आपातकालीन टीमें तैनात की हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया है।
दिलचस्प बात यह है कि भारी बारिश के बावजूद बिहार में इस साल मानसून सीजन में सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जहां औसतन 732 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, वहां अब तक सिर्फ 542.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। फिर भी, हाल की बारिश ने कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। गंगा, कोसी और गंडक के उफान पर होने से निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई गांवों में लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और खुले स्थानों से बचने की सलाह दी है।



