Bihar News: बिहार के एक रिश्वतखोर एसडीओ को बड़ी सजा मिली है. निगरानी ब्यूरो ने 2016 में ही 1 लाख रू रिश्वत लेने के आरोप में तत्कालीन एसडीओ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. इसके बाद आरोपी बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई. संचालन पदाधिकारी ने आरोपी एसडीओ के खिलाफ लगे सभी आरोप प्रमाणित पाए, इसके बाद अब जाकर सजा मिली है. हालांकि दंड मिलते-मिलते नौ साल साल से अधित समय बीत गया, तब तक तत्कालीन एसडीओ सेवानिवृत हो गए. रिटायरमेंट के बाद सरकार ने भ्रष्ट अधिकारी के पेंशन का 100 फीसदी जब्त कर लिया है.
जयनगर के एसडीओ अपने अर्दली के माध्यम से ले रहे थे 1 लाख रू
मधुबनी जिले के जयनगर के तत्कालीन एसडीओ गुलाम मुस्तफा अंसारी के खिलाफ निगरानी ब्यूरो ने 28 अक्टूबर 2016 को केस दर्ज कर छापेमारी की थी. इस दौरान एसडीओ के ठिकाने पर छापेमारी की गई थी. जहां एसडीओ का अर्दली साहब के लिए 1 लाख रू ले रहा था. इसके बाद आरोपी एसडीओ गुलाम मुस्तफा को निगरानी ब्यूरो ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. फरवरी 2017 में आरोपी एसडीओ को सस्पेंड किया गया. इसके बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की गई.
पेंशन 100 फीसदी हुआ बंद
विभागीय जांच आयुक्त ने तत्कालीन एसडीओ गुलाम मुस्तफा अंसारी के खिलाफ लगे सभी आरोपों को प्रमाणित पाया. इसके बाद इनके पेंशन से 100 फीसदी की कटौती का प्रस्ताव दिया. इस प्रस्ताव पर बीपीएससी की सहमति ली गई। सहमति मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने रिटायर हो चुके एसडीओ गुलाम मुस्तफा का पूर्ण पेंशन जब्त करने का आदेश जारी किया है.





