Bihar News: बिहार अब सिर्फ खेती-किसानी में ही नहीं, पशुपालन और मत्स्य पालन में भी देश में काफी आगे निकल चुका है। केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि दूध, मांस, मछली और अंडा उत्पादन में बिहार राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे है। राज्य में पिछले साल के मुकाबले इस बार दूध का उत्पादन साढ़े पांच लाख टन से ज्यादा बढ़ गया है, जिससे बिहार अब देश में नौवें नंबर पर पहुंच गया है।
हर व्यक्ति को रोजाना अब 285 ग्राम दूध उपलब्ध हो रहा है, जो पिछले साल 277 ग्राम था। मछली उत्पादन में तो बिहार ने लगभग दस फीसदी की छलांग लगाई है और नौ लाख उनसठ हजार टन तक पहुंच गया है, यानी हर व्यक्ति को सालाना साढ़े नौ किलोग्राम से ज्यादा मछली मिल रही है। बिहार अब मछली पालन में आत्मनिर्भरता के बहुत करीब खड़ा है।
मांस उत्पादन में भी राज्य ने राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। इस साल चार लाख बीस हजार टन से ज्यादा मांस का उत्पादन हुआ, यानी हर व्यक्ति को सालाना तीन किलोग्राम से थोड़ा ज्यादा मांस उपलब्ध है। अंडे की बात करें तो पिछले साल जहां हर व्यक्ति को सालाना सत्ताईस अंडे मिलते थे, इस बार वह संख्या बढ़कर उनतीस हो गई है।
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने बताया कि दूध उत्पादन में बिहार की वृद्धि दर 4.24 प्रतिशत रही, जबकि देश का औसत सिर्फ 3.58 प्रतिशत है। अंडा उत्पादन में राज्य ने दस फीसदी के करीब छलांग लगाई जो राष्ट्रीय औसत के दोगुने से भी ज्यादा है। मांस उत्पादन में भी बिहार ने चार फीसदी से ऊपर की वृद्धि दर्ज की, जबकि देश का औसत सिर्फ ढाई फीसदी के आसपास है।
ये आंकड़े बताते हैं कि बिहार अब सिर्फ अनाज का कटोरा ही नहीं, बल्कि दूध, मांस, मछली और अंडे का भी बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकार की योजनाओं और किसानों-पालकों के मेहनत का ही नतीजा है कि राज्य अब इन क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से बढ़ रहा है।






