Bihar News: बिहार के नालंदा जिले में स्थित राजगीर का प्रसिद्ध आठ-सीटर रोपवे जुलाई में छह दिनों के लिए बंद रहेगा। यह रोपवे विश्व शांति स्तूप, गृद्धकूट पर्वत और आसपास के खूबसूरत पहाड़ी नजारों तक पर्यटकों को ले जाने का प्रमुख साधन है। पर्यटन विभाग ने मेंटेनेंस और तकनीकी जांच के लिए यह फैसला लिया है ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान रोपवे का संचालन पूरी तरह से ठप रहेगा।
रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया है कि मेंटेनेंस के दौरान रोपवे की हर केबिन, केबल, सुरक्षा लॉक सिस्टम, पुलियों और कंट्रोल पैनल की गहन जांच की जाएगी। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति के लिए बचाव उपकरणों और इमरजेंसी सिस्टम की टेस्टिंग भी होगी। यह कदम रोपवे के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी खराबी से बचा जा सके।
मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद रोपवे को दोबारा शुरू करने से पहले सभी तकनीकी रिपोर्ट्स की समीक्षा की जाएगी और सुरक्षा मानकों की पुष्टि होगी। रोपवे प्रबंधन ने इस दौरान स्पष्ट किया है कि पर्यटकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमित मेंटेनेंस से न केवल रोपवे की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों को सुरक्षित और रोमांचक यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। पर्यटन विभाग ने इस दौरान राजगीर आने वाले पर्यटकों से भी सहयोग की अपील की है।
यह बात सही है कि रोपवे बंद होने से पर्यटकों को कुछ असुविधा होगी, लेकिन वे राजगीर के अन्य आकर्षक स्थलों जैसे जरासंध का अखाड़ा, बिम्बिसार की जेल या गर्म पानी के झरने का भ्रमण कर सकते हैं। पर्यटन विभाग और स्थानीय दुकानदारों ने भी पर्यटकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।


