Bihar News: हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश का असर बिहार में गंगा नदी पर दिखने लगा है। हिमाचल में हाल के बादल फटने की घटनाओं के बाद भारी मात्रा में बारिश का पानी उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार की सीमा में प्रवेश कर चुका है। इसने गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की है, जिससे बाढ़ की आशंका अब बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को बक्सर में गंगा का जलस्तर 1.66 मीटर बढ़ गया। जल संसाधन विभाग ने गंगा से सटे सभी जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है और अभियंताओं को तटबंधों की निगरानी के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
गुरुवार, 3 जुलाई को पटना के दीघा, गांधी घाट और हाथीदह में गंगा के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। शुक्रवार सुबह तक मुंगेर और सुल्तानगंज, और शाम तक भागलपुर और कहलगांव में जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले 24 घंटों में गंगा के किनारे बसे जिलों में हुई बारिश ने भी जलस्तर को आंशिक रूप से बढ़ाया है। बुधवार को दीघा घाट में 27 सेमी, गांधी घाट में 19 सेमी, हाथीदह में 16 सेमी, मुंगेर में 12 सेमी, भागलपुर में 8 सेमी और कहलगांव में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया है कि गंगा में जलस्तर अभी और बढ़ने की आशंका है। विभाग ने सभी तटबंधों पर कड़ी नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है। हिमाचल में बादल फटने की घटनाओं ने ब्यास और सतलुज जैसी नदियों में जलस्तर बढ़ा दिया है, जिसका असर गंगा पर पड़ रहा है। बिहार के बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर और भागलपुर जैसे जिले बाढ़ के खतरे की जद में हैं।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने और राहत कार्यों की तैयारी करने को कहा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। बिहार में पहले से ही मानसून की बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है और गंगा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा और भी गहरा सकता है।


