Bihar News: बिहार के सरकारी मध्य विद्यालयों में अब आधुनिक शिक्षा की नई शुरुआत होने जा रही है। राज्य के 31,297 मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू होगी। शिक्षा विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा के छात्रों को प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा कंप्यूटर की शिक्षा दी जाएगी। यह कदम बिहार के बच्चों को डिजिटल युग से जोड़ने और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगा।
इस योजना की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में हुई थी, जब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने प्रारंभिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया था। इस प्रस्ताव को बिहार विधानसभा के बजट सत्र में शामिल किया गया और अब इसे अमल में लाया जा रहा है। पहले चरण में मध्य विद्यालयों के लिए कंप्यूटर पाठ्यक्रम को लागू किया जाएगा, जिसमें बेसिक नॉलेज पर आधारित किताबें और स्मार्ट क्लास की व्यवस्था होगी।
दूसरे चरण में यह सुविधा तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के बच्चों तक पहुंचेगी। शिक्षा विभाग के मुताबिक, 40,566 प्राथमिक विद्यालयों को जोड़कर कुल 71,863 स्कूलों के बच्चे कंप्यूटर शिक्षा से लाभान्वित होंगे। छात्रों को माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट और अन्य बेसिक तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे। इसके लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
यह पहल बिहार के शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में है। ग्रामीण इलाकों के बच्चे, जो अब तक डिजिटल शिक्षा से वंचित थे, अब कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी हासिल कर सकेंगे। यह न केवल उनकी शैक्षणिक प्रगति में मदद करेगा, बल्कि भविष्य में रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाएगा। शिक्षा विभाग की इस पहल से बिहार डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ेगा।






