Corruption in Bihar: बिहार सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है. सरकार ने अपने तीनों हथियार को एक्टिवेट कर दिया है. हाल के दिनों में सरकार की तीनों जांच एजेंसियां कार्रवाई में जुटी हैं. 10 जुलाई को विशेष निगरानी इकाई, आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भ्रष्टाचारियों पर टूट पड़ा है. सुबह से लगातार कार्रवाई जारी है. आज चार धनकुबेरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है.
विशेष निगदरानी इकाई ने सीआईडी मद्य निषेध) में पदस्थापित डीएसपी अभय प्रसाद यादव के ठिकानों पर छापेमारी की. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में रेड हुई है. अभय प्रसाद यादव पर सेवा में रहते आय से 50 फीसदी से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. इनके खिलाफ 50.42 फ़ीसदी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया गया है. कोर्ट से तलाशी वारंट के आधार पर खगड़िया एवं पटना आवास और कार्यालय में तलाशी ली गई. अभय प्रसाद यादव 1994 में पुलिस में आए. इन्होंने अपने सेवा काल में कुल एक करोड़ 99 लाख रुपए आय किया. इनके खिलाफ एक करोड रुपए अप्रत्यानुपातिक धनार्जन का मामला दिखाया गया है.
छापेमारी के दौरान डीएसपी के ठिकानों से जमीन के कई कागजात मिले हैं. कुल 9 सेल डीड जांच टीम को मिला है, जिसकी कीमत करोड़ों में है . 25 से अधिक किसान विकास पत्र मिले हैं, जिसमें लाखों के निवेश किया गया है. 20 से अधिक बैंक खाते मिले हैं, जिस पर अनुसंधान किया जा रहा है. विभिन्न बैंकों के फिक्स डिपाजिट के कागजात मिले हैं. खगड़िया में पांच कट्ठा से अधिक जमीन पर आलीशान 15 कमरे का तीन मंजिला मकान उन्होंने खुद बनवाया है. छापेमारी में 12 लाख से अधिक के सोना चांदी के आभूषण मिले हैं. साथ ही 105000 नकदी बरामद हुआ है.


