ब्रेकिंग
Earthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिलीEarthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिली

Digital PIN: बिहार में डाक सेवा होगी हाईटेक, हर मकान को मिलेगा 10 अंकों का डिजिपिन

Digital PIN: अब बिहार में डाक पहुंचाने में होने वाली देरी और गुम पते की समस्या जल्द खत्म होने वाली है। डाक विभाग ने पूरे राज्य के गली-मोहल्लों को लाइव लोकेशन से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।

Digital PIN
डिजिटल पिन
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Digital PIN: अब बिहार में डाक पहुंचाने में होने वाली देरी और गुम पते की समस्या जल्द खत्म होने वाली है। डाक विभाग ने पूरे राज्य के गली-मोहल्लों को लाइव लोकेशन से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत अब हर मकान को एक डिजिपिन (Digital Postal Index Number) दिया जाएगा, जिससे डाकिया किसी भी पत्र या पार्सल को सटीक पते पर आसानी से पहुंचा सकेगा।


डाक विभाग के बिहार सर्किल द्वारा राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों की व्यापक मैपिंग की गई है। अब तक 1 करोड़ से अधिक गली-मोहल्लों की जियो-मैपिंग पूरी हो चुकी है। इस मैपिंग के आधार पर हर घर की लाइव लोकेशन दर्ज की जाएगी। इससे डाकिया अपने मोबाइल फोन में लोकेशन देखकर पत्र या पार्सल को सही जगह तक पहुंचा सकेंगे।


फिलहाल राज्य में 45% डाक और पार्सल अधूरे या गलत पते की वजह से सही जगह तक नहीं पहुंच पाते हैं। इनमें से करीब 30–35% डाक लौट जाती है। लेकिन डिजिपिन के जरिए यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी, क्योंकि अब हर घर का एक यूनिक और सटीक डिजिटल पता होगा।


डिजिपिन एक 10 अंकों वाला डिजिटल कोड है, जो भारत के किसी भी स्थान के 4 मीटर के दायरे को यूनिक तरीके से पहचान देता है। इसे आईआईटी हैदराबाद और एनआरएससी-इसरो के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य है देश के प्रत्येक नागरिक को एक सटीक, स्थायी और डिजिटल पता उपलब्ध कराना।


डिजिपिन के फायदे

हर घर का यूनिक डिजिटल पता

आधे-अधूरे पते पर भी सटीक डिलीवरी

डाक, पार्सल और आपातकालीन सेवाओं के लिए उपयोगी

ई-कॉमर्स और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में मददगार

रियल एस्टेट, नगरपालिका और शहरी नियोजन में उपयोग

30 डिविजन और 10,000 से अधिक डाकिया होंगे शामिल


बिहार सर्किल के 30 डिविजनों में इस योजना को लागू किया जा रहा है। राज्यभर के 10,000 से अधिक डाकियों को मोबाइल पर लाइव लोकेशन से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें यह सिखाया जाएगा कि कैसे मोबाइल ऐप पर डिजिपिन के जरिए किसी घर की लोकेशन ट्रैक की जा सकती है।


डिजिपिन प्रणाली केवल बिहार तक सीमित नहीं है। यह डाक विभाग की देशव्यापी डिजिटल एड्रेसिंग योजना का हिस्सा है। भविष्य में यह सिस्टम पूरे भारत में लागू किया जाएगा, जिससे हर नागरिक को एक स्थायी डिजिटल पता मिलेगा, चाहे वह कहीं भी क्यों न रहता हो।


डिजिपिन सिस्टम बिहार में डाक सेवा को न केवल अधिक सटीक और तेज बनाएगा, बल्कि यह राज्य को डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा। अब न केवल डाक बल्कि सरकारी योजनाएं, ई-कॉमर्स डिलीवरी और इमरजेंसी सेवाएं भी तेजी से और सही स्थान पर पहुंच सकेंगी।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

PRIYA DWIVEDI

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें