Bihar Politics: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने रविवार को बाढ़ अनुमंडल का दौरा किया, जहां उन्होंने क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बिहार में एनडीए सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए के शासनकाल में राज्य ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है, जिससे नागरिकों को बेहतर जीवन-स्तर और सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि नीतीश कुमार ही एनडीए के चेहरे होंगे और मुख्यमंत्री पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि नीतीश कुमार का स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक है और विपक्ष बिना किसी ठोस मुद्दे के राजनीति कर रहा है, इस कारण वे मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य पर सवाल उठा रहे हैं। सम्राट चौधरी ने यह स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए चुनाव लड़ेगी और उनके नेतृत्व में बिहार का विकास जारी रहेगा।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के साथ इस दौरे में जदयू के एमएलसी नीरज कुमार भी उपस्थित थे। नीरज कुमार ने पाकिस्तान पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए देश की सुरक्षा और सेना के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
इसके अलावा, नीरज कुमार ने जदयू के पूर्व नेता आरसीपी सिंह पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह विषैला कीटाणु हैं। उनका कहना था कि आरसीपी सिंह जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने या जुड़ने से जदयू पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने जनसुराज पार्टी को 'एनजीओ टाइप' की पार्टी करार दिया और कहा कि यह कोई गंभीर राजनीतिक दल नहीं है।
आरसीपी सिंह, जो पहले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, ने रविवार को अपनी पार्टी "आशा - आप सब की आवाज़" का विलय जनसुराज में कर दिया। इस विलय की घोषणा आरसीपी सिंह और प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। यह राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है, क्योंकि प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी बिहार की राजनीति में नए समीकरण स्थापित करने की कोशिश कर रही है। आरसीपी सिंह की पार्टी के जनसुराज में विलय से अब यह देखना होगा कि आने वाले चुनावों में यह गठबंधन बिहार के राजनीतिक परिपेक्ष्य को किस दिशा में प्रभावित करता है।
सम्राट चौधरी और नीरज कुमार की यह टिप्पणियां आगामी चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, क्योंकि वे बिहार के राजनीतिक माहौल में नए समीकरणों और खेमेबाजी का संकेत देती हैं। इन नेताओं की रणनीतियों और विचारों से आगामी चुनावों के परिणामों पर असर पड़ सकता है।



