Bihar News: भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता व प्रभारी अधीक्षण अभियंता वासुदेव कुमार मंडल को सरकार ने रिटायरमेंट के बाद दंड दिया है. तत्कालीन कार्यपालक अभियंता ने घूसखोर दो कर्मियों को मदद किया था. इस आरोप में उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई. संचालन पदाधिकारी ने प्रभारी अधीक्षण अभियंता के खिलाफ लगे आरोप प्रमाणित पाए. इसके बाद रिटायर हो चुके प्रभारी अधीक्षण अभियंता की पेंशन कटौती कर ली गई है.
दो घूसखोर कर्मियों की मदद पहुंचाई थी....
पूर्णिया भवन प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता व प्रभारी अधीक्षक अभियंता (पूर्णिया अंचल) वासुदेव प्रसाद मंडल पर गंभीर आरोप थे. इन्होंने घूस लेते पकड़े गए दो कर्मी शत्रुघ्न प्रसाद सिंह (लिपिक) और रंजीत सिंह वरीय लेखा लिपिक जो किशनगंज में पदस्थापित थे, उन्हें अपने स्तर से ही निलंबन मुक्त कर भवन प्रमंडल खगड़िया में पदस्थापित किया था. इस संबंध में उन्होंने विभाग को सूचना नहीं देकर अंधकार में रख. वहीं एक अन्य कर्मी रंजीत सिंह को विभागीय निर्देश की अवहेलना करते हुए जेल से निकलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की थी.
पेंशन से 40 फीसदी की कटौती
इस आरोप में 5 जून 2014 को ही प्रभारी अधीक्षण अभियंता (पूर्णिया) वासुदेव प्रसाद मंडल के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई. संचालन पदाधिकारी ने 30 जुलाई 2025 को अपना प्रतिवेदन सौंपा, जिसमें वासुदेव मंडल के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए. इसके बाद सेवानिवृत हो चुके प्रभारी अधीक्षण अभियंता वासुदेव मंडल की पेंशन से 40 फ़ीसदी की राशि कटौती की गई है.





