Bihar Bhumi: बिहार में अब भूमि मापी का महाअभियान चलेगा. अगर आपको तत्काल मापी करानी है तो दोगुना मापी शुल्क देना होगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने मापी महाअभियान को लेकर प्रमंडलीय आयुक्तों से लेकर समाहर्ता, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और सभी अंचलाधिकारियों को भूमि नापी की नई व्यवस्था को लागू करने का निर्देश दिया है .
26 जनवरी से 31 मार्च तक चलेगा अभियान
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कहा है की 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक मापी का महाअभियान चलेगा. इस अभियान में 31 दिसंबर 2025 तक प्राप्त आवेदनों को शून्य किया जाएगा. मापी महाअभियान में प्रति प्लॉट (ग्रामीण) शुल्क ₹500 रखा गया है, जबकि शहरी क्षेत्र के लिए ₹1000 प्रति प्लॉट लिए जाएंगे. अगर आपको तत्काल मापी करानी है तो यह राशि दोगुनी हो जाएगी. यानि ग्रामीण क्षेत्र में प्रति प्लॉट 1000 और शहरी क्षेत्र में 2000 रू जमा करना करना होगा. आवेदन के साथ ही मापी शुल्क का भुगतान करना होगा.
विवाद को परिभाषित करेंगे अंचल अधिकारी
मापी शुल्क भुगतान के बाद उपलब्ध कराए गए चौहद्दीदारों को सिस्टम द्वारा स्वतः नोटिस निर्गत होगा. 7 दिन के अंदर किसी भी दिन अमीन की उपलब्धता के आधार पर सिस्टम द्वारा मापी की तिथि निर्धारित की जाएगी. मापी के बाद प्रतिवेदन ऑनलाइन देना है. इस तरह से मापी में कुल सात दिनों का समय लगेगा. अगर भूमि विवादित श्रेणी में आती है, जिसकी जांच करनी है तो इसके लिए 11 दिनों का समय लगेगा. अंचलाधिकारी भूमि विवाद की जांच कर विवाद को परिभाषित करेंगे .
14 दिनों में मापी रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करना होगा
भूमि विवादित/ अविवादित दोनों मामलों में अमीन द्वारा मापी का प्रतिवेदन आवेदन की तिथि के 14 दिनों में पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा . नोटिस विवादित मामलों में चौकीदार द्वारा भेजी जाएगी. अविवादित जमीन पर कार्यालय परिचारी द्वारा नोटिस तामिला होगा. साथ ही पंजीकृत डाक के द्वारा भी दिया जाएगा. आवेदन करते समय जो मोबाइल नंबर दिया जाएगा उस पर एसएमएस के माध्यम से स्वतः सूचना भेजी जाएगी.





