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Bihar News : भरत तिवारी केस में बड़ा अपडेट! परिवार की सुरक्षा अब डीएसपी की निगरानी में, मंत्री अशोक चौधरी ने दिए कई अहम भरोसे

भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी ने भरत तिवारी के परिवार को डीएसपी स्तर पर सुरक्षा का भरोसा दिया। न्यायिक जांच, फॉरेंसिक जांच और कार्रवाई पर बड़ा बयान।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 06, 2026, 9:10:39 AM

Bihar News : भरत तिवारी केस में बड़ा अपडेट! परिवार की सुरक्षा अब डीएसपी की निगरानी में, मंत्री अशोक चौधरी ने दिए कई अहम भरोसे

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Bihar News : भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। मृतक भरत तिवारी के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि वह विस्थापित परिवारों के लिए आए सरकारी फंड में कथित अनियमितताओं की जानकारी जुटा रहे थे और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने वाले थे। परिवार का कहना है कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।


परिजनों के अनुसार, भरत तिवारी पिछले कुछ समय से इलाके में चल रहे विकास कार्यों और विस्थापितों के लिए आवंटित राशि की जानकारी एकत्र कर रहे थे। उनका आरोप है कि उन्हें कुछ ऐसे दस्तावेज और जानकारियां मिली थीं, जिनसे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और फंड के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते थे। परिवार का दावा है कि भरत इस पूरे मामले को सार्वजनिक करने की तैयारी में थे।


मोबाइल गायब होने पर उठाए सवाल

परिवार ने सबसे बड़ा सवाल भरत तिवारी के मोबाइल फोन को लेकर उठाया है। उनका कहना है कि घटना के बाद से भरत का मोबाइल फोन गायब है और अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। परिजनों का आरोप है कि मोबाइल में कई महत्वपूर्ण जानकारियां, बातचीत के रिकॉर्ड और कुछ ऐसे डिजिटल साक्ष्य मौजूद थे, जो पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकते थे।


परिवार का यह भी कहना है कि मोबाइल में स्थानीय प्रशासन के एक अधिकारी से जुड़े कथित लेन-देन और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं सुरक्षित थीं। उनका आरोप है कि यदि मोबाइल की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की अब तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या प्रशासनिक जांच में पुष्टि नहीं हुई है।


उच्चस्तरीय जांच की मांग

भरत तिवारी के परिजनों ने सरकार से मांग की है कि सबसे पहले गायब मोबाइल की बरामदगी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि मोबाइल की फोरेंसिक जांच से घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग दोहराई है।

परिजनों का कहना है कि केवल पुलिस जांच से उन्हें संतुष्टि नहीं मिलेगी। उनका आरोप है कि जब तक पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और मोबाइल समेत सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।


एनकाउंटर पर पहले से जता रहे हैं संदेह

भरत तिवारी के परिजन शुरुआत से ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि यह एनकाउंटर संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। अब फंड में कथित गड़बड़ी और मोबाइल गायब होने का मुद्दा सामने आने के बाद परिवार ने मामले को नई दिशा देने की कोशिश की है।

परिवार का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे। उन्होंने सरकार से अपील की है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तार से जांच कराई जाए।


प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर फिलहाल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, मोबाइल में कथित साक्ष्य, फंड में अनियमितता और लेन-देन से जुड़े दावों की भी अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


फिलहाल भरत तिवारी की मौत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस जारी है। परिजन लगातार निष्पक्ष जांच, मोबाइल की बरामदगी और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।