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Bharat Tiwari Encounter : भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन! SDO-DSP समेत 15 पुलिसकर्मियों को समन, कई पिस्टल जब्त

Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच तेज हो गई है। न्यायिक आयोग ने एसडीओ, तत्कालीन डीएसपी, शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 15 पुलिस अधिकारियों और जवानों को गवाही के लिए समन जारी किया है। अब सभी की नजर आयोग की सुनवा

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 16, 2026, 9:11:35 AM

Bharat Tiwari Encounter : भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन! SDO-DSP समेत 15 पुलिसकर्मियों को समन, कई पिस्टल जब्त

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Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती नजर आ रही है। मामले की न्यायिक जांच कर रहे आयोग ने इस प्रकरण में बड़ा कदम उठाते हुए जगदीशपुर के एसडीओ, तत्कालीन डीएसपी, तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष सहित कुल 15 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को गवाही के लिए समन जारी किया है। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों और जवानों को अलग-अलग तिथियों पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।


जानकारी के अनुसार, शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग लगातार साक्ष्य जुटा रहा है। इसी क्रम में आयोग ने उन अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को तलब किया है, जो घटना के समय मौके पर मौजूद थे या कार्रवाई का हिस्सा थे। आयोग के समक्ष उनकी गवाही और बयान इस मामले की जांच में अहम साबित हो सकते हैं।


16 और 17 जुलाई को होगी सुनवाई

न्यायिक आयोग द्वारा जारी समन में संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को 16 एवं 17 जुलाई को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। आयोग घटना से जुड़े सभी तथ्यों, गवाहों के आरोपों और पुलिस अधिकारियों के पक्ष को विस्तार से सुनना चाहता है। इसी आधार पर आगे की जांच को दिशा दी जाएगी।


फोरेंसिक जांच के लिए जब्त की गईं सर्विस पिस्टल

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एनकाउंटर में इस्तेमाल किए गए हथियारों की वैज्ञानिक जांच भी तेज कर दी है। इसी कड़ी में तत्कालीन जगदीशपुर डीएसपी के बॉडीगार्ड, एक दारोगा और एक एएसआई की सरकारी सर्विस पिस्टल जब्त कर ली गई है। इन हथियारों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा जाएगा, जहां बैलिस्टिक और अन्य तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे।


इससे पहले तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष की सरकारी पिस्टल, एसटीएफ के एक जवान की सर्विस पिस्टल तथा भरत तिवारी के पास से बरामद पिस्टल भी जांच के लिए जब्त की जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट से घटना की कई महत्वपूर्ण कड़ियां स्पष्ट हो सकती हैं।


कई पुलिसकर्मियों को भी आयोग के सामने होना होगा पेश

समन पाने वालों में एसडीओ, तत्कालीन डीएसपी और थानाध्यक्ष के अलावा शाहपुर थाने के दारोगा, जांच अधिकारी, एएसआई, एसटीएफ के दारोगा, सिपाही, चालक हवलदार और डीएसपी के बॉडीगार्ड समेत कई पुलिसकर्मी शामिल हैं। सभी को निर्धारित तिथियों पर आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराने होंगे।


जांच पर टिकी सबकी नजर

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला शुरू से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के बाद परिजनों ने एनकाउंटर पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद न्यायिक जांच के आदेश दिए गए। आयोग लगातार गवाहों के बयान दर्ज कर रहा है और तकनीकी साक्ष्यों को भी एकत्रित किया जा रहा है।


अब पुलिस अधिकारियों और जवानों की गवाही के साथ-साथ फोरेंसिक रिपोर्ट भी इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जिनसे पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट होगी।


फिलहाल सभी की निगाहें न्यायिक आयोग की आगामी सुनवाई और जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एनकाउंटर की परिस्थितियां क्या थीं और मामले में आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।