Bihar News: बिहार के भागलपुर से झारखंड के हंसडीहा तक बनने वाली फोरलेन सड़क परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण में अलीगंज बाइपास थाना से ढाका मोड़ तक सड़क निर्माण के लिए बांका जिले में 40.072 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए गजट अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें 406 भूस्वामियों की निजी जमीन सहित कुछ सरकारी भूमि को चिह्नित किया गया है।
भू-अर्जन विभाग ने चांदन और कटोरिया प्रखंड के सात गांवों की जमीन को इस परियोजना के लिए चिह्नित किया है। इनमें निजी स्वामित्व वाली जमीन के अलावा काली मंदिर, परती जमीन और कुछ मकानों के हिस्से भी शामिल हैं। गजट प्रकाशन के बाद भूस्वामियों को 21 दिनों के भीतर स्थानीय भू-अर्जन कार्यालय में अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया है। यदि कोई आपत्ति नहीं आती, तो अधिग्रहण प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और मुआवजे का वितरण शुरू होगा। इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन सक्रियता से काम कर रहा है।
यह फोरलेन सड़क न केवल भागलपुर और हंसडीहा के बीच की दूरी को कम करेगी, बल्कि व्यापार और आवागमन को भी सुगम बनाएगी। 765 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के पहले चरण में ढाका मोड़ तक का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और पेब्ड शोल्डर की व्यवस्था होगी, जिससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी। बांका के रजौन प्रखंड के 25 गांवों के बाद अब चांदन और कटोरिया के सात गांवों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया ने परियोजना को और गति दी है।
हालांकि, जमीन अधिग्रहण को लेकर कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। मुआवजे की राशि और प्रक्रिया को लेकर हाल ही में अधिकारियों के बीच विवाद की खबरें आईं, जिससे परियोजना में देरी की आशंका बढ़ी थी। बावजूद इसके सड़क परिवहन मंत्रालय और जिला प्रशासन इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह फोरलेन सड़क बनने से न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा होगी, बल्कि बिहार-झारखंड के बीच व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और देवघर जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी।






