1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 23, 2026, 2:42:10 PM
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Bihar Police: भागलपुर के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। अब इस मामले में भागलपुर पुलिस प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी कर पूरी घटना की जानकारी दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में फैलाई जा रही कई बातें तथ्यहीन हैं।
पुलिस का कहना है कि मधुसूदनपुर थाना कांड संख्या 121/25 में विकास कुमार यादव नाम का व्यक्ति मुख्य आरोपी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 21 मई 2026 की रात पुलिस टीम उसके घर पर छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी के परिजनों और समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। पुलिस का आरोप है कि सरकारी काम में बाधा डालते हुए पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की और पथराव किया गया।
बताया गया कि हंगामे के दौरान भीड़ ने आरोपी विकास कुमार यादव को पुलिस हिरासत से जबरन छुड़ा लिया, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया। इस मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 22 मई 2026 की रात दोबारा पुलिस बल के साथ छापेमारी की गई। लेकिन इस दौरान भी उपद्रवी तत्वों ने पुलिस टीम पर अचानक भारी पथराव कर दिया। घटना में पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दो पुलिस पदाधिकारी और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी विकास कुमार यादव के पड़ोसी द्वारा पहले ही मधुसूदनपुर थाना कांड संख्या 57/26 दर्ज कराया गया था। पुलिस छापेमारी के बाद आरोपी और उसके परिजनों पर पड़ोसी के साथ मारपीट करने का भी आरोप है। इस हमले में पड़ोसी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर में चोट आई। इस मामले में भी अलग से केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
भागलपुर पुलिस मुख्यालय के डीएसपी राकेश कुमार ने वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा सीसीटीवी तोड़ने और परिजनों को प्रताड़ित करने जैसी बातें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। पुलिस ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।