ARWAL: अरवल जिले के कलेर थाना क्षेत्र में एक शिक्षक के आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना कलेर कि है जहां किराए के मकान में रह रहे शिक्षक ने पंखे के सहारे गमछे से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मृतक की पहचान भोजपुर जिले के सहार थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासी यदुनंदन चौधरी के पुत्र 30 वर्षीय सुधीर कुमार के रूप में की गई है। जानकारी के मुताबिक सुधीर कुमार सरवरपुर मिडिल स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनकी नियुक्ति वर्ष 2025 में टीआर-3 शिक्षक बहाली के तहत हुई थी और उन्होंने 15 मई 2025 को विद्यालय में योगदान दिया था।
बताया जाता है कि घटना के दिन वे निर्धारित समय पर विद्यालय नहीं पहुंचे, विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमेश कुमार ने कई बार फोन कर उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद प्रधानाध्यापक ने एक अन्य शिक्षक को उनके किराए के मकान पर भेजा। जब शिक्षक मौके पर पहुंचे तो देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जबकि खिड़की खुली हुई थी।
खिड़की से झांकने पर सुधीर कुमार पंखे से गमछे के सहारे लटके हुए दिखाई दिए। यह दृश्य देखते ही उन्होंने तत्काल इसकी सूचना प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों को दी।सूचना मिलते ही विद्यालय के अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। कलेर थाना के प्रभारी थाना अध्यक्ष रोहित कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही है।
पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में शिक्षक ने यह आत्मघाती कदम उठाया।इधर घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी कृति कमल भी मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हर पहलू से जांच करने का निर्देश दिया है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है, वहीं विद्यालय परिवार में भी शोक की लहर है। सहकर्मी शिक्षक और स्थानीय लोग स्तब्ध हैं तथा घटना के कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
वहीं भोजपुर जिले के सहार थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरा गांव निवासी यदुनंदन चौधरी के पुत्र सुधीर कुमार द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से अरवल जिले में शोक की लहर फैल गई है। सुधीर कुमार कलेर प्रखंड क्षेत्र के सरवरपुर मिडिल स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। इस दुखद घटना ने न केवल शिक्षा जगत बल्कि आम लोगों को भी गहरे तौर पर प्रभावित किया है।
कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित शिक्षक के रूप में पहचाने जाने वाले सुधीर कुमार के असामयिक निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन इस समय आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है। इस घटना को लेकर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ जिला सचिव सह उच्च विद्यालय वलीदाद के प्रधानाध्यापक राजीव कुमार उर्फ अनय सिंह ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में सरकार को मृतक के परिजनों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल सहायता प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि उनके जीवनयापन में सहूलियत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने उचित मुआवजा देने की भी मांग की, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति को संबल मिल सके।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं और सरकार को शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। जिला सचिव ने दिवंगत शिक्षक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक समाज इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है और हर संभव सहयोग के लिए तत्पर है।





