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AK-47 स्मगलिंग का मास्टरमाइंड संतोष सिंह ने आरा कोर्ट में किया सरेंडर, अंतरराष्ट्रीय गिरोह को सप्लाई करता था हथियार

ARA : अंतरराष्ट्रीय गिरोह को AK-47 जैसे आधुनिक हथियार और ग्रेनेड लॉन्चर सप्लाई करने वाला स्मगलिंग का मास्टरमाइंड संतोष सिंह ने आरा सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया. NIA की दबिश के कारण

AK-47 स्मगलिंग का मास्टरमाइंड संतोष सिंह ने आरा कोर्ट में किया सरेंडर, अंतरराष्ट्रीय गिरोह को सप्लाई करता था हथियार
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ARA : अंतरराष्ट्रीय गिरोह को AK-47 जैसे आधुनिक हथियार और ग्रेनेड लॉन्चर सप्लाई करने वाला स्मगलिंग का मास्टरमाइंड संतोष सिंह ने आरा सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया. NIA की दबिश के कारण संतोष ने आत्मसमर्पण किया. बीते 7 फरवरी को पूर्णिया में मिले ग्रेनेड लांचर, एके-47 और 18 सौ जिंदा कारतूस मामले का मास्टरमाइंड है. इस केस को लेकर NIA कोर्ट ने संतोष सिंह के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. NIA की दबिश में संतोष ने किया सरेंडर पूर्णिया पुलिस ने म्यांमार बॉर्डर के जरिये नागालैंड के नगा विद्रोहियों की सांठ-गांठ से चलाए जा रहे हथियार स्मगलिंग के नेटवर्क का बड़ा खुलासा 7 फरवरी को किया था. देश के कुख्यात गैंगस्टर, बड़े आपराधिक गिरोहों और माओवादियों को हथियार सप्लाई करने वाले संतोष सिंह के विरुद्ध NIA कोर्ट ने जून में आरोपी संतोष कुमार सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. फरवरी से ही जांच कर रही है दिल्ली NIA की टीम इस मामले में NIA की दिल्ली टीम बीते 28 फरवरी से अनुसंधान कर रही है. पूर्णिया के बायसी थाने में 7 फरवरी 2019 को मामला दर्ज किया गया था. मामले का खुलासा होने के बाद यह बात सामने आई थी कि म्यांमार बॉर्डर से इंटरनेशनल गिरोह को हथियार दिया जाता था. बायसी थाना की पुलिस ने गश्ती के दौरान दालकोला चेकपोस्ट पर बंगाल की ओर से आ रही सफेद सफारी को खदेड़कर पकड़ा और गाड़ी से 600 राउंड गोली बरामद किया था. म्यांमार आर्मी के हथियार को बेचता था मास्टरमाइंड संतोष का गिरोह इसमें गिरफ्तार अपराधियों में सूरज कुमार गोरखपुर और अन्य दो वीआर कहोरनगम और क्लियर्सन कावो मणिपुर के उखरुल पोंग्यार का रहने वाला था. तीनों तस्करों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सफारी गाड़ी के तहखाने से एक एके-47, यूबीजीएल से लैस 2 अत्याधुनिक राइफल और 1200 जिंदा कारतूस बरामद किया था. इसमें एके-47 को छोड़कर सभी हथियार म्यांमार आर्मी का था. पुलिस ने 11 फरवरी को खुलासा किया था कि तस्करों को हथियार म्यांमार का उग्रवादी संगठन एनएससीएन उपलब्ध कराता है. यह संगठन म्यांमार आर्मी से हथियार खरीदकर इसे बिहार के अलावा अन्य राज्यों में भेजता और बेचता है. संतोष के साथ आरा का कुख्यात मुकेश करता था हथियार की डिलीवरी इस केस में सबसे पहले से गिरफ्तार तीन अपराधियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला था कि आरा का रहने वाला मुकेश सिंह मास्टरमाइंड संतोष सिंह के साथ आरा और पटना में हथियार की डिलीवरी करता था. इन्हीं दोनों का मणिपुर और नागालैंड में अपराधियों से साठगांठ है. मुकेश सिंह के आरके पुरम दानापुर स्थित उसके घर पर छापेमारी की गई थी, जिसमें 50 कारतूस भी बरामद किया गया था. आरा से के के सिंह की रिपोर्ट
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FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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