khelo India Youth Games 2025: खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 की मेजबानी इस बार बिहार को मिली है। ऐसे में बिहार में खिलाडियों के लिए ख़ास इंतजाम किए गए हैं। सरकार ने यह तक तय कर लिया है कि इस खेल में शामिल होने वाले यात्री कहां रुकेंगे और उन्हें किस तरह की सुविधा दी जाएगी, ताकि उनके खेल पर इसका असर न पड़े और जब वह यहां से वापस जाए, तो बिहार को लेकर जमकर तारीफ़ करें। ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं कि गया में खेलो इंडिया यूथ गेम में शामिल होने वाले यात्री कहाँ रुकेंगे ?
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गया जिले के बोधगया में स्थित ‘बोधगया अतिथि गृह’ का भव्य उद्घाटन किया, जो आगामी खेलों के दौरान खिलाड़ियों के ठहरने के लिए एक प्रमुख स्थल होगा। इस उद्घाटन के दौरान, सीएम ने खेलों के आयोजन के लिए किए गए तैयारियों का भी गहन निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि खिलाड़ियों को सर्वोत्तम सुविधाएं मिलें, ताकि उनका खेल प्रदर्शन प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में शामिल होने वाले खिलाड़ी बोधगया अतिथि गृह में ठहरेंगे, जहाँ उनके लिए आरामदायक और सुरक्षित रहने की व्यवस्था की गई है। अतिथि गृह को इस तरह से तैयार किया गया है कि खिलाड़ी और उनके अधिकारी आसानी से अपने मैचों के लिए तैयार हो सकें। सीएम ने कहा, "खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधा हमारे लिए सबसे अहम है, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वे बिना किसी रुकावट के अपनी प्रतिस्पर्धा पर ध्यान केंद्रित कर सकें।"
इसके अलावा, खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का आयोजन बिहार के पांच प्रमुख शहरों—पटना, राजगीर (नालंदा), भागलपुर, गया और बेगूसराय में किया जा रहा है। इन शहरों में खिलाड़ियों के ठहरने के लिए विभिन्न स्थानों पर व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। राजगीर में स्थित खेल परिसर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है, जहां प्रमुख खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
बता दें कि भागलपुर में बैडमिंटन और तीरंदाजी की प्रतियोगिताएं सैंडिस कंपाउंड में होंगी, और बेगूसराय में फुटबॉल मैच आयोजित किए जाएंगे। इन सभी स्थानों पर खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस आयोजन से न केवल बिहार के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, बल्कि राज्य की खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार और खेल मंत्रालय मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं।





