Ramnavami 2025: रामनवमी हर साल चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं। उनका जन्म अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर हुआ था।
राजा दशरथ संतान की चाह में चिंतित थे। ऋषि वशिष्ठ के कहने पर उन्होंने पुत्रकामेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ के बाद अग्निदेव ने खीर दी, जिसे तीनों रानियों ने खाया।कौशल्या से श्रीराम, कैकयी से भरत ,सुमित्रा से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ।
राम का उद्देश्य क्या था?
भगवान राम का जन्म अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने रावण जैसे राक्षसों का अंत करके मर्यादा का आदर्श स्थापित किया।
रामनवमी का महत्व
नवरात्रों का अंतिम दिन होता है रामनवमी लोग व्रत रखते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं घरों में झूला सजाकर बाल रूप राम की पूजा करते हैं, राम को कई नामों से जाना जाता है जैसे रामचंद्र, रघुनंदन, रामजी, रामरज, रमेश, रामदास आदि।
रामायण का गहरा संदेश
राम का मतलब होता है हमारे भीतर का प्रकाश ,सीता – मन का प्रतीक, रावण – अहंकार, हनुमान – हमारी प्राणशक्ति (ऊर्जा), लक्ष्मण – सजगता, भरत – योग्यता, शत्रुघ्न – जिसका कोई शत्रु न हो|
रामायण का सार क्या है?
रामायण सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि ये हमें सिखाती है कि जब हमारा मन अहंकार के कारण भटक जाए, तो प्राणशक्ति (हनुमान) और सजगता (लक्ष्मण) के सहारे हम फिर से अपने भीतर के प्रकाश (राम) तक पहुँच सकते हैं।




